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झारखंड में उच्च शिक्षा की आधारभूत संरचना होगी मजबूत, नई शिक्षा नीति के तहत सरकार खर्च करेगी 500 करोड़ रुपये

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Deepak Kumarलेखक

रांची:झारखंड में उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। नई शिक्षा नीति के तहत वित्तीय वर्ष2026-27में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए500करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से पुस्तकालयों का सुदृढ़ीकरण,प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण,ई-पुस्तकालय की स्थापना,भवन निर्माण और भाषा प्रयोगशालाओं के विकास जैसे कार्य किए जाएंगे।

राज्य सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ाने के साथ-साथ दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

आदिवासी उप योजना के लिए300करोड़,अन्य उप योजना के लिए200करोड़

उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निर्धारित500करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान में आदिवासी उप योजना (टीएसपी) के तहत300करोड़ रुपये और अन्य उप योजना (ओएसपी) के तहत200करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस राशि से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

योजना के तहत आधुनिक प्रयोगशालाओं,डिजिटल संसाधनों और बेहतर पुस्तकालय सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा,ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई और शोध के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

नौ विश्वविद्यालयों के नए परिसर बनाने की योजना

राज्य सरकार उच्च शिक्षा के विस्तार के तहत झारखंड के नौ विश्वविद्यालयों के नए परिसरों का निर्माण भी करा रही है। इनमें रांची विश्वविद्यालय,नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय,विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय,कोल्हान विश्वविद्यालय,सर जेसी बोस विश्वविद्यालय,पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय,झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय,झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय शामिल हैं।

नए परिसरों के निर्माण से विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पॉलीटेक्निक समेत100नए उच्च शिक्षण संस्थान खोलने का निर्णय

उच्च शिक्षा के दायरे को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने पॉलीटेक्निक संस्थानों समेत100नए उच्च शिक्षण संस्थान खोलने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जिन विधानसभा क्षेत्रों में वर्तमान में कोई अंगीभूत डिग्री कॉलेज नहीं है,वहां चरणबद्ध तरीके से नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अपने क्षेत्र से दूर जाने की मजबूरी कम करना और अधिक से अधिक युवाओं को कॉलेज स्तर की शिक्षा से जोड़ना है।

नामांकन बढ़ाने के लिए महिला और मॉडल कॉलेजों पर जोर

राज्य में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने और विद्यार्थियों के नामांकन अनुपात में सुधार लाने के लिए17महिला कॉलेज, 18मॉडल कॉलेज और49डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।

सरकार की योजना के तहत महिला विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

कुल मिलाकर, झारखंड सरकार की इन योजनाओं का लक्ष्य उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार करना और राज्य के ग्रामीण एवं दूरदराज के इलाकों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट

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