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इंफ्रास्ट्रक्चर में खर्च हुए थे करोड़ों रुपये

मेघातरी में समेकित चेकनाका के लिए बना आधारभूत संरचना देखरेख के अभाव में पड़ा है बेकार

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MADAN KISHORE JHAलेखक

कोडरमा : कोडरमा के मेघातरी में बिहार-झारखंड की सीमा पर समेकित चेकनाका के लिए बनाए गए आधारभूत संरचना देखरेख के अभाव में बेकार पड़ रहे हैं,तो वहीं चेकनाका के लिए बनाए गए रेस्ट रूम,अधिकारियों के बैठने की जगह और कार्यालय पर स्थानीय लोगों ने कब्जा जमाना भी शुरू कर दिया है.

साल2016में समेकित चेकनाका के लिए यह इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया गया था और उसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए थेलेकिनसाल2017में जीएसटी लागू होने के बाद समेकित चेकनाका के लिए बनाया गया आधारभूत संरचना कभी अस्तित्व में आ ही नहीं सका.और तो और तैयार हो जाने के6साल के बाद चेकनाका के लिए बनाया गया यह इंफ्रास्ट्रक्चर अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है.

करोड़ों रुपये की लागत से उस समय चेकनाका का निर्माण किया गया था और यहां खनन विभाग,वन विभाग,उत्पाद विभाग,वाणिज्य कर विभाग समेत अन्य विभागों के लिए अलग-अलग कार्यालय और रेस्ट रूम के साथ कांटा घर का भी निर्माण किया गया था लेकिनअब यह पूरी तरह से बेकार हो चुका है और इसका कोई औचित्य भी नहीं रह गया.

डीसी आदित्य रंजन ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद तकरीबन सभी जिलों में समेकित चेकनाका का यही हाल है. लेकिनयहां पर समेकित चेकनाका के इंफ्रास्ट्रक्चर में लोगों के रोजगार के लिए इंतजाम करने पर जिला प्रशासन विचार कर रही हैताकि इस आधारभूत संरचना का इस्तेमाल किया जा सके.

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