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हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, कोर्ट ने कहा- आरोपी का पक्ष सुनने पर हटाया जा सकता है आपत्तिजनक टिप्पणियां

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MADAN KISHORE JHAलेखक

Patna : पटना हाईकोर्ट के एक निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है. हाईकोर्ट ने पिछले दिनों एक केस पर सुनवाई के दौरान कहा था कि महिला का सलवार हटाने की कोशिश और छाती दबाना दुष्कर्म की परिभाषा में नहीं आता है. यह छेड़खानी हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्य कांत,जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहाना की पीठ ने सुनवाई की. पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी का पक्ष सुनने के बाद उन टिप्पणियों को हटाया जा सकता है. कोर्ट ने बिहार के महाधिवक्ता को स्थानीय पुलिस के माध्यम से आरोपी को नोटिस तामील कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट ने गत9जुलाई को अपने आदेश में कहा था कि प्रवेश या बलात्कार के इरादे को स्पष्ट रूप से स्थापित करने वाले किसी प्रत्यक्ष कृत्य के साक्ष्य के अभाव में आरोप धारा376सहपठित511आईपीसी के तहत बलात्कार के प्रयास की श्रेणी में नहीं आता है. अधिक से अधिक यह धारा354आईपीसी के तहत छेड़खानी का मामला बनता है.

कोर्ट के इसी निष्कर्ष और टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है.

आनंद वर्मा की रिपोर्ट-

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