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78th Independence Day

दुमका में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज, लोगों को दिया ये संदेश

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vivek pandeyलेखक

दुमका : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने ध्वजारोहण किया. उन्होंने राज्य की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान में ध्वजारोहण किया. इसके बाद परेड का निरीक्षण कर तिरंगे को सलामी दी. मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के विकास की गाड़ी सभी वर्गों तक पहुंचे, खास कर वंचित तबकों तक इस दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. जनता के सहयोग से सरकार सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी. अपने संबोधन में उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप आचरण करने की अपील की. उन्होंने कहा कि इससे स्वाधीनता की सार्थकता सिद्ध हो सकती है.

जोहार के साथ संबोधन की शुरूआत

संबोधन की शुरुआत राज्यपाल ने जय जोहार के साथ किया. झारखंडवासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन देशवासियों के लिए बहुत ही गर्व का दिन है. आज ही के दिन भारत ने सदियों की गुलामी के बाद ब्रिटिश दासता से मुक्ति पाई थी. राज्यपाल ने कहा कि यह आजादी कई महान सपूतों के बलिदान और त्याग से प्राप्त हुई है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू सरदार भगत सिंह, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बाबा साहेब भीमराव, लाला लाजपत राय, शहीद उधम सिंह, चन्द्रशेखर आजाद और उन तमाम अनजान अमर शहीदों ने स्वतंत्रता के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया है। आज के दिन हम इन सभी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं.

देश में लागू तीन नये कानून की तारीफ की

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था का होना आवश्यक है। पीएम मोदी द्वारा कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए 3 नए कानून देश में लागू किये गए हैं। इसका मुख्य उद्देश दोषी को सजा दिलाने के साथ पीड़ितों को न्याय दिलाना है। यह एक ऐतिहासिक कदम है। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में 112 नंबर पर पुलिस, अग्निशमन, एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षा बलों ने अबतक 143 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुठभेड़ में 6 नक्सली मार गिराए गए हैं। आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अबतक कुल 21 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं है।

राज्यपाल ने बढ़ते साइबर आपराध का भी जिक्र किया

राज्यपास संतोष गंगवार ने राज्य में बढ़ते साइबर और उसके खिलाफ उठाये जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हमारा देश डिजिटलीकरण के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, साइबर अपराध की संख्या में भी वृद्धि हो रही है. हमारा झारखण्ड, विशेषकर संथाल परगना भी इससे अछूता नहीं है. साइबर अपराध की बढ़ती संख्या और उसकी गंभीरता को देखते हुए रांची, दुमका, हजारीबाग सहित आठ जिलों में नये साइबर थानों का सृजन किया गया है. साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 के माध्यम से अब तक 95 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गयी हैं और लगभग 16 करोड़ की राशि को ब्लॉक किया गया है. वहीं अब तक कुल 2 करोड़ 62 लाख की राशि को पीड़ितों के खातों में वापस किया गया है.

नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान की दी जानकारी

संतोष गंगवार ने आगे कहा कि अभी राज्य में टोल फ्री नंबर 112 पर 24 घंटे पुलिस, अग्निशमन, एबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं. नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा निरंतर चलाये जा रहे अभियान के कारण अब तक 143 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. जबकि पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ों में 6 नक्सली मारे गये हैं. l नक्सलियों के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अब तक कुल 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

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