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अबुआ आवास योजना में फर्जीवाड़ा !

मुखिया और वार्ड सदस्य के नाम हुआ अबुआ आवास का आवंटन, BDO ने बनायी जांच कमेटी

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vivek pandeyलेखक

Ranchi: सोरेन सरकार ने गरीब वर्ग के लिए राज्य में अबुआ आवास योजना की शुरुआत की गयी है. इस योजना के माध्यम से सरकार गरीबो को पक्का मकान देने का मकसद है. लेकिन राज्य के अधिकारी इन गरीब के हिस्से के मकान अमीर को देने में लगे हुए है. राजधानी में कांके प्रखंड के उरुगुट्टू पंचायत की मुखिया को अबुआ आवास का लाभ दिया गया है. मुखिया की सास जातरी देवी के नाम से अबुवा आवास की राशि भी प्रखंड ने आवंटित कर दिया है. जबकि सरकार की ओर से साफ निर्देश है कि पहले गरीबों की इसकी प्राथिमकता मिले. लेकिन अधिकारियों के साठ-गांठ से मुखिया को ही प्राथिमिक सूची में नाम दे कर राशि भी खाते में ट्रांसफर कर दी गई.

दूसरा अबुआ आवास वार्ड सदस्य के नाम आवंटित

वहीं दूसरे अबुआ आवास का आवंटन कांके प्रखंड के उरुगुट्टू पंचायत के वार्ड 7 के सदस्य फूलकुमारि देवी के नाम से कर दिया गया है. पहला क़िस्त भी खाते में भेज दी गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव आनन्द लाल और प्रखंड के पदाधिकारियों के मिलीभगत से जनप्रतिनिधियों को लाभ पहुचाने का आरोप लगा रहे है.

BDO ने कहा जांच कमेटी हुई गठित

अबुआ आवास आवंटन में हुई गड़बड़ी पर कांके प्रखंड के ग्राम विकास अधिकारी विजय कुमार ने कहा की आवास आवंटन में अनियमिता की जानकारी मिलने के तुरंत बाद जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

अबुआ आवास के लिए पात्रता

झारखण्ड सरकार ने अबुआ आवास योजना में निःशुल्क पक्के मकान बनाने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए लाभार्थियों के लिए पात्रता निर्धारित की है:

* लाभार्थी झारखण्ड राज्य का मूल निवासी होना चाहिए.

* परिवार कच्चे मकान में रहता हो.

* बेघर या निराश्रित परिवार हो.

* विशेष रूप से कमज़ोर जनजाति समूह (पीवीटीजी) के परिवार.

* प्राकृतिक आपदा के शिकार परिवार.

* कानूनी तौर से रिहा किया गए बंधुआ मजदूर.

रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट

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