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बिहार के सरकारी स्कूलों की होगी कायापलट, हर स्कूल के लिए राशि जारी, जानिए शिक्षा विभाग ने क्या दिया निर्देश

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Prasoon Pandeyलेखक

PATNA :बिहार के स्कूलों की बहुत जल्द कायापलट होने वाली है। जी हां, स्कूलों में पहले चरण में जरूरी निर्माण कार्य के अतिरिक्त कक्षाओं के संचालन के लिए कमरे और शौचालय बनाए जाएंगे। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी होनी है। ये प्राथमिकताएं सर्वेक्षण के आधार पर तय की गई है लिहाजा इसके लिए राशि का आवंटन कर दिया गया है।

बिहार के सरकारी स्कूलों की होगी कायापलट

इस संबंध में शिक्षा विभाग की तरफ से एक लेटर भी जारी किया गया है, जिसमें लिखा हुआ है कि विद्यालयों में मरम्मती हेतु 50 हजार रुपये प्रति स्कूल सभी विद्यालयों के बैंक खाते में राशि हस्तांतरित की गयी है। इस राशि के तहत स्कूल में निम्नलिखित कार्य कराए जाएंगे।

1. बल्ब, पंखा, ट्यूब लाइट आदि की मरम्मत।

2. शौचालय और नल की मरम्मत।

3. सबमर्सिबल और पाइप, ओवर हेडटैंक की मरम्मत।

4. खिड़की, किवाड़ और इसके सभी प्रकार की मरम्मत।

5. समय-समय पर आवश्यकतानुसार ब्लैक बोर्ड की रंगाई और मरम्मत ।

6. बेंच-डेस्क, टेबल, आलमारी आदि की मरम्मत और पेंटिंग।

7. किचेन सामग्री (गैस चूल्हा आदि) की मरम्मत ।

8. प्रयोगशाला सामग्री की मरम्मत ।

9. क्रय किए गये कम्प्यूटर (जिसका AMC नहीं हो) की मरम्मत।

10. स्कूल की छत का सभी प्रकार की मरम्मत ।

11. टूटे हुए फर्श की मरम्मती।

12. स्कूल के जलजमाव के निकासी संबंधित कार्य।

13. स्कूल के जंगल-झाड़ आदि की साफ-सफाई।

इन कार्यों के लिए विद्यालय के बैंक खाता में राशि का रहना आवश्यक है ताकि संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक समय-समय पर उक्त कार्यों को संपन्न करा सकें लिहाजा सभी स्कूलों के बैंक खाते में 50 हजार रुपये CFMS की उचित प्रक्रिया द्वारा हस्तांतरपित करने का निर्देश दिया जाता है।

प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक बैंक खाते में हस्तांतरित राशि द्वारा उक्त कार्यों को निष्पादित करेंगे। विद्यालय के बैंक खाते में 50,000/- (पचास हजार) रुपये की राशि हमेशा उपलब्ध रहनी चाहिए अर्थात उदाहरणस्वरूप किसी विद्यालय के द्वारा 35 हजार रुपये का मरम्मत कार्य कराया जाता है तो प्रधानाध्यापक/ प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा 35 हजार का मूल विपत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में समर्पित करने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 35000/ फिर विद्यालय के खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।

विद्यालय में प्रत्येक मरम्मत विपत्र में मजदूरी और सामग्री का स्पष्ट और अलग-अलग उल्लेख किया जाना आवश्यक है। सभी पर प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक और स्कूल के अगले वरीयतम शिक्षक का पूर्ण हस्ताक्षर जरूरी होगा या सभी अभिश्रवों पर दो शिक्षकों का हस्ताक्षर अनिवार्य होगा।

निरीक्षण के दौरान उल्लिखित मरम्मति कार्य नहीं किए गए होंगे तो इसके लिए प्रधानाध्यापक / प्रभारी प्रधानाध्यापक जवाबदेह होंगे।

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