जाति का बंधन तोड़ शादी
गुरूजी को अपनी ही शिष्या से हुआ प्रेम.. मुखियाजी की मौजुदगी में कर ली शादी
Desk:-बिहार में अजब प्रेम की गजब कहानी देखने को मिली है ..जहां गुरूजी ने जाति की दीवर को तोड़ते हुए अपनी शिष्या के साथ प्रेम विवाह कर लिया है ..शुरूआती विरोध के बाद मुखिया समेत पंचायत के लोगों ने भी अपना आशीर्वाद दिया है.
यह प्रेमी कहानी बिहार के बेतिया के मंझौलिया पंचायत का है..जहां कोचिंग संचालक साहब कुमार पांडेय पढाते पढाते अपनी ही कोचिंग की शिष्या करीना कुमारी को अपना दिल दे बैठे..इसके बाद दोनो में पढाई के साथ ही दूसरी तरह की बातें भी होने लगी.इसके बाद गुरूजी और शिष्य़ा का प्रेम परवान चढने लगा.धीरे -धीरे इस प्रेम कहानी की जानकारी युवति के परिजन के साथ ही गांव वालों को भी लगी.चूंकी गुरूजी और शिष्या की जाति भी अलग अलग थी..इसलिए दोनो के प्रेम संबंध का कई स्तर पर विरोध होने लगा...
जब पंचायत के लोगों ने गुरूजी से इस मुद्दे पर बात की तो ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखने वाले साब कुमार पांडेय ने महादलित परिवार से आने वाली करीना कुमारी से सच्ची प्रेम होने का दावा करते हुए जाति के बंधन को तोड़कर शादी करने की बात कही..जिसके बाद पंचायत के लोग भी गुरू-शिष्या के प्रेम को स्वीकर कर आशीर्वाद देने के लिए तैयारी हो गए.
उसके बाद पंचायत के मुखिया एकबाली राम की अध्यक्षता में आयोजित चौपाल में शादी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और स्थानीय बखरिया पंचायत के ब्रह्सबाबा स्थान में दोनो की शादी करवा दी गई.गुरूजी ने ब्रह्म बाबा को साक्षी मानकर करनी की मांग भरी और फिर करीना ने गुरूजी का आशीर्वाद लेकर उनकी जीवन संगिनी बन गई..पंचायत की पहल के बाद गुरूजी और शिष्या की प्रेम कहानी पति-पत्नी की रूप में तब्दील हो गई और मुखिया एकबाली राम, सरपंच पति भूषण दुबे,वार्ड सदस्य जलेश्वर राम, धर्मेंद्र पाण्डेय समेत अन्य गणमान्य लोगों ने जाति बंधन को तोड़ते हुए शादी करने वाले गुरूजी और उनकी हमसफर को बधाई एवं आशीर्वाद दिया.
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