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धर्मारण्य पिंडवेदी में उमड़ा आस्था का सैलाब

गयाजी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान

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archana singhलेखक

बोधगया: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम के दौरान चौथे दिन तृतीया तिथि पर बोधगया स्थित प्रसिद्ध धर्मारण्य पिंडवेदी में आस्था का सैलाब देखने को मिला. देश-विदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ अपने पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण किया. सुबह से ही धर्मारण्य वेदी पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं.

पिंडदान और त्रिपिंडी श्राद्ध का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,तृतीया तिथि पर धर्मारण्य पिंडवेदी में पिंडदान और त्रिपिंडी श्राद्ध का विशेष महत्व माना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को तृप्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है और पितृदोष एवं प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है.

महाभारत काल से जुड़ा है धर्मारण्य वेदी का महत्व

धर्मारण्य वेदी के मुख्य पुजारी राधा वल्लभ शरण पांडे के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं और स्कंद पुराण में धर्मारण्य पिंडवेदी का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद महाराज युधिष्ठिर ने युद्ध में मारे गए अपने सगे-संबंधियों की आत्मा की शांति और अपने पश्चाताप के लिए इसी स्थान पर पिंडदान और तर्पण किया था.


तृतीया तिथि पर यहां त्रिपिंडी श्राद्ध का विशेष महत्व माना जाता है. पिंडदान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद श्रद्धालु धर्मारण्य परिसर स्थित अष्ट कमल के आकार वाले पवित्र कूप में नारियल विसर्जित करते हैं और अपने पितरों की तृप्ति एवं मोक्ष की कामना करते हैं.

सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

धर्मारण्य वेदी पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पितृपक्ष मेले के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचने को देखते हुए प्रशासन का पूरा फोकस सुरक्षा,भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं को सुगम पिंडदान कराने पर है.


पिंडदान स्थलों परपुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती

बोधगया एसडीपीओ मधु कुमारी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. धर्मारण्य,मतंगवापी और सरस्वती वेदी समेत प्रमुख पिंडदान स्थलों और मार्गों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है.

यातायात व्यवस्था में बदलाव

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. वहीं, प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों को श्रद्धालुओं की शिकायतों और किसी भी आपात स्थिति पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

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