धनबाद में 108 एंबुलेंस चालक गये हड़ताल पर
बकाया वेतन नहीं मिलने पर दी थी हड़ताल की चेतावनी, हड़ताल से एंबुलेंस सेवा ठप
धनबाद : 108 एंबुलेंस चालक 5 महीने के बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर आज बुधवार से हड़ताल पर चले गए हैं. चालकों ने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है. हड़ताल पर जाने से नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा ठप हो चुकी है.
बता दें कि जिले में कुल 108 एंबुलेंस की संख्या 27 है. कुल 108 कर्मी काम करते हैं. हर एंबुलेंस में चार चार कर्मी की ड्यूटी है. पांच महीने से उनका वेतन भुगतान नहीं हुआ है. उन्होंने पूर्व में भी हड़ताल की चेतावनी दी थी. वे पांच माह के बकाया वेतन भुगतान की मांग पर अड़े हैं. एंबुलेंस चालकों का कहना है कि या तो एनआरएचएम से उनका भुगतान कराया जाए. या फिर एनआरएचएम द्वारा एंबुलेंस संचालक एजेंसी को ब्लैकलिस्टेड किया जाए. यह कंपनी कर्मचारियों का वेतन देने में सक्षम नहीं है.
इस संबंध में 108 एंबुलेंस चालक दिनेश और मनोज ने संवाददाता को बताया कि कोरोना कल में जब लोग कोरोना मरीज से देखकर भाग रहे थे उस स्थिति में हम सब 108 एंबुलेंस ड्राइवर मरीज को पकड़कर एंबुलेंस में बैठाने का कार्य किया है. आज हम सब 108 एंबुलेंस कर्मचारी को एक-एक दाने का मोहताज हो चुके हैं. स्कूल से हम सभी बच्चों का नाम काट दिया गया है. ऐसे में हम सबके सामने भुखमरी की नौबत आ चुकी है. धनबाद में गरीब मरीज के लिए 108 एंबुलेंस काफी कामगार और काफी मदद साबित हुए हैं. जबकि ऐसे मरीज हैं जो निःशुल्क 108 एंबुलेंस का प्रयोग करते हैं. क्योंकि उनके पास रांची जैसे रिम्स अस्पताल में ले जाने के लिए पैसे नहीं होते हैं. अगर प्राइवेट एम्बुलेंस रांची जाते हैं तो उनका किराया लगभग 10 से 12 हज़ार रूपये है. ऐसे में गरीब मरीज के लिए 108 एंबुलेंस निशुल्क सेवा प्रदान करती है. इसलिए मैं धनबाद के मरीज से क्षमा प्रार्थी चाहता हूं. 108 एंबुलेंस सेवा का सुगम नहीं मिलेंगे. क्योंकि हम सब के पास घर और परिवार चलाने के लिए पैसे नहीं है. इसलिए मजबूरन हम सब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ा.
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