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डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने स्व. रमेश चंद्र मिश्र को किया नमन, घर जाकर परिजनों से की मुलाकात, बंधाया ढांढस

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Prasoon Pandeyलेखक

PURNIA :विद्या विहार स्कूल के संस्थापक, व्यवसायी, शिक्षाविद स्वर्गीय रमेश चंद्र मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त करने का सिलसिला लगातार जारी है। समाज के हर वर्ग के लोग चाहे आम हो या खास सभी शोक व्यक्त कर रहे हैं। उनके नवरतन स्थित आवास पर बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भूमि सुधार राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल, सदर विधायक विजय खेमका, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश कुमार ने श्रद्धासुमन अर्पित किया।

इस मौके पर उन्होंने ज्येष्ठ पुत्र राजेश मिश्रा, कनिष्ठ पुत्र ब्रजेश मिश्रा सहित परिजनों से मिलकर ढांढ़स बंधाया। साथ ही परिजनों से कहा कि हम सभी इस दुख की घड़ी में आपके साथ हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. रमेश चंद्र मिश्र ने कोसी सीमांचल की प्रगति में अपना अमूल्य योगदान दिया। शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक संस्थान के जरिए कई लोगों को रोजगार भी दिया। उनके द्वारा किए गये कार्य हम सबों के लिए अनुकरणीय है।

जानिए हैं कौन

विद्या विहार शिक्षण संस्थान, पूर्णिया के संस्थापक रमेश चंद्र मिश्र का निधन पूर्णिया प्रमंडल के लिए अपूरणीय क्षति है। वे ख्यातिप्राप्त विद्या विहार आवासीय विद्यालय के सचिव थे। वे विश्व प्रसिद्ध नेतरहाट विद्यालय के छात्र थे और बिहार के पूर्व राज्यपाल डॉ. एआर किदवई के कहने पर अपने नेतरहाट विद्यालय के सहपाठियों के साथ मिलकर विद्या विहार आवासीय विद्यालय की कल्पना करते हुए एक उद्यमी के रूप में 1995 में विधालय की स्थापना की।

उनके प्रयासों के बल पर ही नेतरहाट विद्यालय के अवकाश प्राप्त प्रिंसिपल, विश्वविख्यात शिक्षक और केरल राज्य के निवासी स्वर्गीय केएन वासुदेवन (श्रीमान जी) की सेवाएं विद्या विहार आवासीय विद्यालय को वर्षों तक मिली और श्रीमान जी से पूर्णिया प्रमंडल के हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित होने का सुअवसर मिला। उन्होंने विहार आवासीय विद्यालय के बाद 2009 में विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की। उनके अतुलनीय योगदान से पूर्णिया शहर में विद्या विहार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस संचालित है, जहां विद्या विहार आवासीय विद्यालय, विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अलावा विद्या विहार कैरियर प्लस, बीबीए एवं बीसीए कॉलेजों की बहुमूल्य उपलब्धता है।

उनके और उनकी श्रेष्ठ टीम के विशेष प्रयास से ही "सब हिमालयन रिसर्च इंस्टीट्यूट" की परिकल्पना पूर्णिया शहर में साकार हो सकी। उनके सम्पर्क सूत्रों के सौजन्य से पूर्णिया में "द इंडियन नेशनल ट्रस्ट फ़ोर आर्ट एंड कल्चर हैरिटेज" का पूर्णिया चैप्टर संचालित है। वे बिहार सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट - सिमुलतला आवासीय विद्यालय की स्थापना के लिए एक प्रमुख थिंक-टैंक थे। वे मानवीय दृष्टिकोण, उदारता, सादगी एवं सरलता से ओत-प्रोत इंसान थे। वे उच्च कोटि के उद्यमी थे और उद्यमिता आधारित प्रतिभाएं उनमें कूट-कूट कर भरी हुई थी। उनके सौजन्य से पूर्णिया के कम-से-कम एक हजार लोगों को रोजगार प्राप्त है।

वे सभी प्रकार के श्रेष्ठ समाजिक कार्यों में सदैव रुचि लेते थे। पीएम पैकेज बिहार 15 का हिस्सा पूर्णिया एयरपोर्ट की शुरुआत के लिए प्रयासरत एयरपोर्ट 4 पूर्णिया ग्रुप के सदस्य भी थे। उनके दोनों लड़के राजेश जी और ब्रजेश जी श्रेष्ठताओं, उच्च संस्कारों एवं मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत युवा हैं।

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