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दरभंगा में मोनू आत्महत्या मामला

मंत्री मदन सहनी का बड़ा बयान,बोले-लोगों को अपराधियों से ज्यादा पुलिस से है भय

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archana singhलेखक

दरभंगा: बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने अपने विधानसभा क्षेत्र बहादुरपुर के खराजपुर गांव के मोनू आत्महत्या मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि बिहार में कई जगहों पर लोगों को अपराधियों से ज्यादा पुलिस से भय महसूस होता है.उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी, दारोगा और पुलिसकर्मी आम लोगों से अवैध वसूली और भयादोहन करते हैं.

मंत्री मदन सहनी ने दरभंगा पुलिस से लेकर बिहार के डीजीपी तक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में गंभीरता से कुछ सोचना पड़ेगा.

दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर गांव में 20 वर्षीय युवक मोनू की आत्महत्या से जुड़ा है. आरोप है कि चोरी के मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस की ओर से उस पर दूसरे मामले में फंसाने का दबाव बनाया गया और कथित तौर पर दो से तीन लाख रुपये की मांग की गई. बताया जा रहा है कि सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनू के पास से चोरी का मोबाइल बरामद किया था,लेकिन उस समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया.

परिजनों का आरोप है कि सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनू को दूसरे मामले में फंसाने का डर दिखाकर कथित तौर पर रुपये की मांग की थी. आरोप है कि अगले दिन पुलिसकर्मी रुपये लेने पहुंचने वाले थे,लेकिन उससे कुछ मिनट पहले ही मोनू ने घर में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी.

घटना के दौरान सादे लिबास में बिना नंबर वाली दो बाइक से तीन पुलिसकर्मियों के पहुंचने और परिवार के लोगों के साथ झड़प होने का भी आरोप लगाया गया है. इसके बाद सादे लिबास में दो पुलिसकर्मी बाइक से दोबारा पहुंचे. आरोप है कि दोनों ने अचानक पिस्टल निकालकर लोगों की ओर फायरिंग की.फायरिंग से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है.

मौके पर एसडीपीओ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया. उस समय एसडीपीओ ने फायरिंग के आरोप से इनकार किया था. वहीं,पुलिस पर मुकदमे में फंसाए जाने के दबाव के चलते युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का आरोप भी परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से लगाया गया.

मंत्री मदन सहनी ने इस पूरे मामले पर दरभंगा के एसएसपी से व्यक्तिगत रूप से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दरभंगा पुलिस की कार्यशैली के साथ-साथ भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए और पुलिस प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की।

मंत्री के इन आरोपों के बाद मोनू आत्महत्या मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अब नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आए आरोपों की सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है.

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