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कॉलेज की बदहाली पर छात्रों का फूटा गुस्सा, नामधारी कॉलेज में तालाबंदी; छठ तक समाधान का मिला भरोसा
झारखंड छात्र मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने किया धरना-प्रदर्शन, PGकी पढ़ाई शुरू करने से लेकर जर्जर भवन की मरम्मत तक उठाई आठ सूत्रीय मांगें
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा स्थित नामधारी महाविद्यालय की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ मंगलवार को छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। झारखंड छात्र मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। छात्र आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। हालांकि, अंचल पदाधिकारी की पहल पर कॉलेज प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सभी मांगों पर सहमति बन गई। छठ पूजा तक समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने तालाबंदी समाप्त कर दी।
शैक्षणिक सत्र में देरी और PGकी पढ़ाई बंद होने से नाराज छात्र
दरअसल, नामधारी महाविद्यालय में लंबे समय से शैक्षणिक सत्र में देरी, पीजी की पढ़ाई बंद होने, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेकर असमंजस और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठता रहा है। छात्रों का आरोप है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने उनकी समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसी नाराजगी के बाद झारखंड छात्र मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
छात्रों की प्रमुख मांगों में शैक्षणिक सत्र नियमित करना, परीक्षा और रिजल्ट का निश्चित कैलेंडर जारी करना तथा बंद पड़ी स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई दोबारा शुरू करना शामिल है। इसके अलावा पिछले 17 वर्षों से संचालित बीएससी, आईटी और बीबीए जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए। विद्यार्थियों ने आईटी पाठ्यक्रम बंद किए जाने और कॉलेज में स्टडी सेंटर बनाए जाने से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं का भी उठा मुद्दा
आंदोलन के दौरान छात्रों ने कॉलेज भवन की जर्जर स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने भवन की मरम्मत कराने के साथ पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और खेल सामग्री जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। छात्रों का कहना था कि कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद आवश्यक है। आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी आठ सूत्रीय मांगों पर लिखित समझौता और समाधान की समय-सीमा तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अंचल पदाधिकारी की पहल पर बनी सहमति
मामले की गंभीरता को देखते हुए गढ़वा के अंचल पदाधिकारी दल-बल के साथ नामधारी महाविद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्र नेताओं और कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक कर सभी आठ सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की। प्रशासन की पहल पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और लिखित समझौता पत्र तैयार किया गया। कॉलेज प्रशासन ने छठ पूजा तक छात्रों की मांगों का समाधान करने का भरोसा दिया।
आश्वासन के बाद खुला कॉलेज का मुख्य द्वार
कॉलेज प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन और लिखित समझौते के बाद छात्रों ने तालाबंदी समाप्त कर दी और धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया। हालांकि, झारखंड छात्र मोर्चा ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं की गईं तो छात्र दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। अब देखना होगा कि कॉलेज प्रशासन छठ पूजा तक छात्रों की आठ सूत्रीय मांगों को पूरा करने में कितना सफल होता है।
गढ़वा से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
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