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मोतिहारी के मोतीझील बुढ़ी गंडक नदी की मुख्य नहर से अतिक्रमण हटाने के मामले पर हाईकोर्ट सख्त,सरकार से रिपोर्ट तलब

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archana singhलेखक

पटना:हाईकोर्ट ने मोतिहारी शहर के मोतीझील बुढ़ी गंडक नदीकी मुख्य नहर से अतिक्रमण हटाने और रामरेखा घाट से सेमरा तक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण मामले में राज्य सरकार से स्थिति रिपोर्ट तलब की है.एक्टिंग चीफ सुधीर सिंह की खंडपीठ ने भारतीय न्यायप्रिय नागरिक परिषद की जनहित याचिका पर सुनवाई की.कोर्ट ने पूर्वी चंपारण के डीएम के पत्र के सन्दर्भ में हुई कार्रवाई पर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. इस मामले पर अगली सुनवाई अब 10 सितंबर, 2026 को होगी.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने कोर्ट को बताया था कि मोतिहारी शहर के मोतीझील को बुढ़ी गंडक नदी पर स्थित रामरेखा घाट सिमरा से जोड़ता है. इसकी लम्बाई लगभग ग्यारह किलोमीटर है.मोतीझील को शहर की जीवनरेखा भी कहा जाता है. इससे मोतिहारी शहर को पेयजल मिलता है. साथ ही बाढ़ के समय ये नहर इस शहर को बाढ़ से बचाता है.

अधिवक्ता विकास पंकज ने बताया था कि 24 दिसंबर 2022 को कार्यपालक अभियंता,तिरहुत कैनाल डिवीज़न,मोतिहारी ने इस सम्बन्ध में पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी को पत्र लिखा,जिसमें इस नहर को बाढ़ के समय अतिउपयोगी और मोतीझील को रिचार्ज करने का वैकल्पिक श्रोत बताया गया था.

उन्होंने कोर्ट को बताया कि जिलाधिकारी,पूर्वी चम्पारण ने इसके जाँच के लिए एक कमिटी गठित की और जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था.

अधिवक्ता विकास कुमार पंकज ने बताया कि काफी बैठक हुई,लेकिन अब तक कोई विस्तृत रिपोर्ट नहीं दिया गया. इससे मोतिहारी शहर के नागरिकों को काफी कष्ट और असुविधा हो रही है.

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