Jharkhand News
बाघमारा में आठ लेन सड़क बनी मुसीबत, कहीं धंस रही सड़क तो कहीं झुक रहे लाइट पोल
तेतुलमारी शक्ति चौक के पास सड़क की ओर झुका बिजली का पोल,खराब स्ट्रीट लाइटों से हादसे का खतरा;स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण और रखरखाव पर सवाल
बाघमारा,धनबाद:झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल आठ लेन सड़क की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सड़क पर जगह-जगह धंसने की शिकायतों के बीच अब स्ट्रीट लाइटों के पोल की स्थिति भी चिंता का विषय बन गई है। ताजा मामला कतरास-धनबाद मार्ग पर तेतुलमारी शक्ति चौक से करीब 500मीटर की दूरी का है,जहां सड़क किनारे लगा एक लाइट पोल टूटकर सड़क की ओर झुक गया है। ऐसे में किसी संभावित हादसे की आशंका जताई जा रही है।
उद्घाटन के बाद से ही उठ रहे सवाल
जानकारी के मुताबिक,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद से ही आठ लेन सड़क के निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के कुछ हिस्सों में धंसने की समस्या सामने आ रही है,जबकि कई जगह स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
लोगों के मुताबिक,सड़क पर लगी कई स्ट्रीट लाइटें जलती नहीं हैं। इससे रात के समय आवागमन करने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। वहीं,तेतुलमारी शक्ति चौक के पास सड़क की ओर झुका लाइट पोल दुर्घटना की आशंका को और बढ़ा रहा है।
कभी भी हो सकता है हादसा,सुरक्षा पर सवाल
सड़क की ओर झुका लाइट पोल वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बन सकता है। यदि समय रहते इसे दुरुस्त नहीं किया गया,तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पर इस तरह की समस्याएं सामने आना चिंता का विषय है। लोगों ने सड़क की स्थिति,स्ट्रीट लाइटों की कार्यक्षमता और नियमित रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
किसकी है रखरखाव की जिम्मेदारी?
आठ लेन सड़क की मौजूदा स्थिति को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसकी देखरेख की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी के पास है। सड़क के कुछ हिस्सों में धंसने और लाइट पोल के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं,यह भी स्पष्ट होना बाकी है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने,झुके हुए लाइट पोल को तत्काल दुरुस्त करने और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कब तक जरूरी कदम उठाए जाते हैं।
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