JHARKHAND CRIME
अवैध नेल पॉलिश फैक्ट्री में भीषण आग, 5 घंटे तक धधकते रहे केमिकल; चार दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
देवघर: नगर थाना क्षेत्र के देव संघ नवदुर्गा मंदिर के पीछे कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित नेल पॉलिश फैक्ट्री में बुधवार अहले सुबह भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में भारी मात्रा में रखे केमिकल में आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। आग की भयावहता को देखते हुए अग्निशमन विभाग की चार दमकल गाड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
केमिकल में आग लगने से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, देव संघ नवदुर्गा मंदिर के पीछे संचालित नेल पॉलिश फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में केमिकल रखे होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें और धुएं को देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निशमन विभाग की तत्परता से आसपास के इलाके में बड़ा हादसा टल गया।
फैक्ट्री संचालक मोबाइल बंद कर मौके से गायब
घटना के बाद फैक्ट्री संचालक गुड्डू बरनवाल के मौके से गायब होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि संचालक ने अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिया है। ऐसे में फैक्ट्री के संचालन, वहां रखे केमिकल और सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
अग्निशमन पदाधिकारी ने क्या कहा?
मौके पर मौजूद अग्निशमन पदाधिकारी गोपाल यादव ने बताया कि फैक्ट्री में भारी मात्रा में केमिकल रखा हुआ था। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के लोगों और संपत्तियों को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने बताया कि फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। साथ ही अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री के संचालक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रिहायशी इलाके में अवैध फैक्ट्री के संचालन पर उठे सवाल
इस घटना ने शहर में अवैध औद्योगिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर रिहायशी इलाके के पास इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल का भंडारण कैसे किया जा रहा था? फैक्ट्री के पास आवश्यक अनुमति और अग्नि सुरक्षा के इंतजाम थे या नहीं? संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग फैक्ट्री संचालक के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।
देवघर से अमर पाठक की रिपोर्ट
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