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बिहार में गायनी एंडोस्कोपी की नई क्रांति, हर स्त्री रोग विशेषज्ञ के हाथ तक पहुंचेगी दूरबीन सर्जरी
पटना। चिकित्सा के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक को अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाने की दिशा में वूमेन्स हॉस्पिटल एवं फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर, पटना पिछले एक दशक से महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। संस्थान ने गायनी एंडोस्कोपी एवं फर्टिलिटी के क्षेत्र में चिकित्सकों को विश्वस्तरीय Real Hands-on Training उपलब्ध कराने का अभियान निरंतर जारी रखा है। संस्थान का लक्ष्य है कि अत्याधुनिक गायनी दूरबीन सर्जरी केवल चुनिंदा विशेषज्ञों तक सीमित न रहे, बल्कि हर योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ के हाथ तक पहुंचे।
इसी उद्देश्य से वूमेन्स हॉस्पिटल एवं फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर के निदेशक डॉक्टर संजीव कुमार तथा डॉक्टर कुमारी अनुराग के द्वारा सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों के स्त्री रोग विशेषज्ञों तथा PG रेजिडेंट्स के लिए नियमित रूप से निःशुल्क तीन दिवसीय Real Hands-on Training Programme आयोजित किया जाता है। इस प्रशिक्षण में चिकित्सकों को केवल व्याख्यान या डेमो तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि वास्तविक सर्जिकल प्रक्रिया को समझने और व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर दिया जाता है।
संस्थान के विशेषज्ञों डॉ संजीव कुमार, डॉक्टर कुमारी अनुराग एवं डॉक्टर पंकज कुमार के अनुसार, इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य निःसंतानता के उपचार में उच्च मानक की चिकित्सा सुविधा को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक मरीजों को फर्टिलिटी-एन्हांसिंग सर्जरी का लाभ उपलब्ध कराना है। गायनी एंडोस्कोपी के माध्यम से बच्चेदानी, अंडाशय एवं फैलोपियन ट्यूब से संबंधित कई समस्याओं का उपचार संभव है। ट्यूब में ब्लॉकेज होने की स्थिति में उपयुक्त मरीजों में उसे खोलने जैसी प्रक्रियाएं भी की जाती हैं। ऐसे मामलों में कई बार मरीजों को सीधे महंगे IVF या टेस्ट ट्यूब बेबी उपचार की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
संस्थान का मानना है कि हर निःसंतान दंपती का उपचार IVF से शुरू होना जरूरी नहीं है। सही जांच, बीमारी के कारण की पहचान और उपयुक्त फर्टिलिटी-एन्हांसिंग सर्जरी के माध्यम से कई मरीजों को प्राकृतिक गर्भधारण का अवसर दिया जा सकता है। इसी सोच को चिकित्सकीय समुदाय तक पहुंचाने के लिए संस्थान लगातार निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है।
वर्तमान समय में पुरुषों में बढ़ती बांझपन की समस्या भी निःसंतानता के उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संस्थान महिला एवं पुरुष दोनों पक्षों की समग्र जांच और कारण-आधारित उपचार की आवश्यकता पर जोर देता है, ताकि जहां संभव हो, मरीजों को अनावश्यक रूप से महंगी सहायक प्रजनन तकनीकों पर निर्भर न होना पड़े मतलब बिना आईवीएफ का सहारा लिए संतान प्राप्ति हो।
“Real Hands-on Revolution” इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक गाइनेकोलॉजिस्ट को गायनी एंडोस्कोपी एवं फर्टिलिटी में स्किल्ड करना, उनके व्यावहारिक कौशल को मजबूत करना और आधुनिक फर्टिलिटी उपचार को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।
वूमेन्स हॉस्पिटल एवं फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर का मानना है कि चिकित्सा शिक्षा केवल किताबों और व्याख्यानों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जब प्रशिक्षित चिकित्सकों के हाथों में आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक कौशल (रियल हैंड ऑन) पहुंचेगा, तभी उसका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम मरीज तक पहुंच सकेगा। इसी संकल्प के साथ संस्थान पिछले एक दशक से निःशुल्क Real Hands-on Training के माध्यम से गायनी एंडोस्कोपी को चिकित्सकों के हाथों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
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