दामोदर नदी में बह रहा है जहरीला लाल पानी
BOKARO:-स्टील प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी की वजह से दामोदर नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। प्लांट से निकलने वाला लालपानीदामोदर नदी के जलीय जीव- जंतु के लिए ही खतरनाक नहीं बल्कि पशु पक्षियों के लिए भी जहरीला साबित हो रहा है।
जिस जगह से नदी में लाल पानी का बहाव हो रहा है वहां लगभग 20 हजार की विस्थापित आबादी निवास करती है हालांकि बोकारो स्टील प्रबंधन लाल पानी की समस्या को एक डेढ़ वर्षो के अंदर पूरी तरह खत्म कर देने का आश्वासन दे रहा है।
बोकारो स्टील प्लांट का निर्माण वर्ष 1965 में शुरू हुआ था। प्लांट से जैसे ही उत्पादन शुरू हुआ प्रदूषण का प्रभाव आस-पास के गांव पर पडने लगा। प्लांट के 4 नंबर गेट के पास से एक खुला नाला दामोदर नदी में जाकर मिलता है। इसी नाले के माध्यम से केमिकल युक्तपानीदामोदर नदी में वर्षों से जा रहा है।जैसा कि स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका कुप्रभाव चीताही, कुंडोरी, वैदमारा और आगरडीह सहित 40 गांवों पर हो पड़ा रहा है।इससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों की माने तो बोकारो स्टील प्लांट के निर्माण काल से ही केमिकल मिश्रितपानीदामोदर नदी में प्रवाहित हो रही है। प्लांट के आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा गांव के ग्रामीणों की दिनचर्या दामोदर नदी पर ही निर्भर है। नदी कापानीइस्तेमाल करने वाले लोगों को चर्म रोग की शिकायत मिल रही है वहीं इसपानीको पीने वाले पशु पक्षी के जीवन पर भी कुप्रभाव पड़ रहा है।ग्रामीणों के द्वारा कई बार प्लांट प्रबंधन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया है, लेकिन प्लांट प्रबंधन ने इस गंभीर समस्या की ओर कभी ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा आदमी ही नहीं पशु पक्षी और जलीय जीव जंतु को उठाना पड़ रहा है।
इस मामले में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा कि कई वर्षों से इस को लेकर लगातार प्रबंधन को फिल्टर प्लांट लगाने की बात कही गई है। लेकिन प्रबंधन का कहना है की फिल्टर प्लांट के लिए निविदा हो चुकी है लेकिन इसमें एक से डेढ़ वर्ष लगेगा। इस समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए।
वहीं इस मामले को लेकर जब बोकारो स्टील के ईडी प्रोजेक्ट बीपी कुशवाहा से बात की गई तो उन्होंने लाल पानी बहने से ही इनकार किया। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में लाल पानी का बहाव हो सकता है। लेकिन प्लांट प्रबंधन इसको लेकर सचेत है। एक से डेढ़ वर्ष पूरी तरह से लाल पानी को रोकने में लगेगा। उनसे जब दामोदर नदी प्रदूषित होने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर नदी में केमिकल युक्त लाल पानी जा रहा है तो वह खतरनाक है। लेकिन इसको दिखवा लेने की बात कही।
बोकारो से संजीव की रिपोर्ट
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