बाल विवाह के खिलाफ झारखंड में चलाया जा रहा है जन जागरूकता अभियान
DUMKA:-बाल विवाह,एक ऐसी कुरीति है जो आये दिन हमें देखने और सुनने को मिलती है।कभी अखबारों में तो कभी टीवी के माध्यम से तो कभी लोगों की जुबान से।कहने को तो राजा राम मोहन राय की पहल पर अंग्रेजी हुकुमत ने बाल विवाह पर रोक लगा दी थी,लेकिन कहीं न कहीं आज भी हमारे देश के बहुत से हिस्सों में बाल विवाह के मामले सुनने को मिलते हैं ऐसे में इस कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए जन जागरुकता ही एकमात्र उपाय है। जागरुकता उन लोगों को जगाने की, जो इसका शिकार होते हैं। जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह जैसे मामले आए दिन सुनने को मिलते हैं।
इस कड़ी में झारखंड सरकार के द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।इस अभियान में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किशोरियों को सही उम्र में विवाह और बच्चे को पढ़ाने जैसे विषयों को लेकर कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इस दौरान दुमका जिला के मसलिया ग्रामीण क्षेत्रों में कलाकारों द्वारा संथाली लोक नृत्य मंडली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किशोरी स्वास्थ्य, सही उम्र में विवाह और बच्चों को अच्छी शिक्षा देने जैसे विषयों को लेकर यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इस मंडली के कलाकार भीम मरांडी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय बोली और भाषा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से इन लोगों को समझाया जा रहा है। कहीं ना कहीं यह कार्यक्रम लोगों के बीच एक शिक्षा देने जैसा होगा। पहले के तुलना में अब बाल विवाह जैसे मामले कम सामने आ रहे हैं इसकी मुख्य वजह लोगों से पहले की अपेक्षा ज्यादा जागरूक होना माना जा सकता है।
दुमका से कुणाल शांतनु की रिपोर्ट
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