सूबे में बाढ से हुए नुकसान का आकलन करने पहुंची 6 सदस्यीय केन्द्रीय टीम , दो दिनो तक बाढ ग्रस्त जिलो का दौरा कर देगी रिपोर्ट
बाढ का कहर झेल रहे बिहार के बाढ की विभिषिका को नजदीक से देखने और उससे हुए नुकसान का आकलन करने के लिये 6 सदस्यीय केन्द्रीय टीम पटना पहुंच गयी है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर के सिह के नेतृत्व में पहुंची इस टीम में विभिन्न मंत्रालयो के 5 अन्य अधिकारी भी है . जिनमें केन्द्रीय जल आयोग के निदेशक संजीव सुमन सड़क एवं राजमार्ग परिवहन मंत्रालय के अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार लाल के अलावे मंत्रालयो के रिजनल अधिकारी भी है.
बिहार के बाढ प्रभावित 26 जिलो में 16 जिलो में अभी भी बाढ़ की स्थिति गंभीर है.सरकारी आकड़ो की ही बात करे तो अब तक 53 लोगो की मौत बाढ से हो चुकी है. जबकि लाखो लोग बेघर है और वे या तो खुले आसमान के नीचे रह रहे है या राज्य सरकार द्वारा बनाये गये अस्थायी कैंपो में रह रहे हैं.बाढ पीड़ितो के लिये राज्य सरकार ने सामुदायिक कीचन की भी व्यवस्था की है जहां उन्हें भोजन भी दिया जा रहा है. इसके साथ ही वैक्सीनेशन सेंटर भी बनवाये गये है.मुख्यमंत्री नीतीश लगातार बाढ ग्रस्त इलाका का सड़क और जल मार्ग के अलावा एरियल सर्वे भी कर रहे है और बाढ पीड़ितो से मिल भी रहे है.
दोपहर करीब 12. बजे पहुंची केन्द्रीय टीम ने मुख्य सचिवालय में मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियो के साथ बैठक की . पटना पहुंचने पर केन्द्रीय टीम का नेतृत्व कर रहे गृह विभाग के संयुक्त सचिव राकेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम दो दिनो तक बाढ ग्रस्त जिलो का दौरा करने के बाद ही नुकसान का जायजा लेगी.जानकारी के मुताबिक केन्द्रीय टीम सोमवार को वैशाली , दरभंगा , मुजफ्फरपुर , समेत अन्य जिलो का एरियल सर्वे करेगी. मंगलवार को भागलपुर समेत अन्य बाकी जिलो का ऐरियल सर्वे करेगी.
इधर नेपाल के तराई इलाको में होने वाली बारिश के कारण जल संसाधन विभाग ने उत्तर बिहार के सभी जिलो को हाइ अलर्ट किया है.जिनमें मुजफ्फरपुर , गोपालगंज , वैशाली , पूर्वी औरपश्चिमी चंपारण भागलपुर और मुंगेर शामिल है. इधर सूबे की विभन्न नदियो गंगा . गंडक , कोशी , कमला, बलान, महानंदा सहित कई नदिया अभी भी खतरे के निशान से उपर बह रही है.
बाढ प्रभावित इलाको का दौरा करने के लिये दो दिवसीय बिहार दौरे पर पहुंची केन्द्रीय टीम पर सभी की निगाहे टिकी है . देखना है कि इस टीम के आकलन के बाद बिहार को केन्द्र की तरफ से क्या सहायता मिल पाती है.
अशोक मिश्रा , कशिश न्यूज.
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