हॉकी खिलाड़ियों के बीच स्टिक के साथ ही पौष्टिक भोजन का वितरण
मुबई समेत अन्य शहर के सामाजिक कार्यकर्ता कर रहें हैं आर्थिक सहयोग
SIMDEGA:-माड़ भात खाकर हॉकी के मैदान में पसीना बहाने वाली खेल प्रतिभाओं के लिये मुंबई से पौष्टिक आहार भेजा गया है। हॉकी की नर्सरी सिमडेगा के बच्चो के लिए मुंबई के प्रोफेसर अरुण राय, उनकी डॉक्टर बेटी स्वाधा राय और मेघा राय, अलका जैन और शुभम जैन, मुम्बई के ही डॉक्टर ग्लेन मॉक्रेनहास और साधना पवन राय ने 20 खिलाड़ी बच्चों के लिये एक माह का पौष्टिक आहार भेजा था जिसे वितरित किया गया। पौष्टिक आहार में सोयाबीन का आटा, राजमा, चना, मूंग, सरसों तेल, खजूर, बादाम सहित कई वस्तुएं शामिल थीं।
12 खिलाड़ियों के बीच खाद्य सामग्री एवं एक-एक हॉकी बॉल वितरित की गयी।बच्चे-बच्चियों को पौष्टिक आहार वितरण कार्यकम के दौरान दनादात भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ऑनलाइन जुड़े रहे। इस कार्यक्रम में हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी और महासचिव कमलेश्वर मांझी मौजूद थे। दोनों ने बच्चों को पौष्टिक आहार सौंपा। इनके अलावा हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह और भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एवं कोच रह चुकीं असुंता लकड़ा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं और बच्चों का हौसला बढ़ाया।
आयोजन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़ी रांची की डॉक्टर ममता ने बच्चे बच्चियों को पौष्टिक आहार के बारे जानकारी दी। उपलब्ध कराई जा रही सामग्री के उपयोग, गांव में मौजूद मड़ुआ के आटा, चकोड़ साग सहित अन्य उपलब्ध खाद्य सामग्री से शरीर को खेल के लिए फिट रखने की जानकारी दी। रांची से डॉक्टर राजचंद्र झा ने भी खिलाड़ियों को आवश्यकता होने पर इलाज और दवाओं की मदद की बात कहते हुए कहा कि प्रतिभावान बच्चे किसी भी तरह कमजोर नहीं हैं। उन्हें प्रोत्साहन और जरूरी सहयोग देने की जरूरत है।
बैंकाक की डॉक्टर मनीषा बोस ने हॉकी प्रतिभाओं के लिये अंग्रेजी का ज्ञान जरूरी बताया ताकि अंतरराष्ट्रीय दौरे के क्रम में अपने खेल को और बेहतर कर सकें। उन्होंने कहा कि वे सिमडेगा के हॉकी खिलाड़ियों को ऑनलाइन अंग्रेजी पढ़ाना चाहती हैं। इसका हॉकी सिमडेगा के सचिव मनोज कोनबेगी ने स्वागत करते हुए कहा कि जल्द ही उनकी सेवा का लाभ बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।
सिमडेगा से प्रिंस की रिपोर्ट
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