आर्थिक आधार पर जनगणना एवं आरक्षण की मांग को लेकर ब्राह्मण फाउंडेशन का एक दिवसीय धरना।
दरभंगा: आर्थिक आधार पर जनगणना एवं आरक्षण की मांग को लेकर शनिवार को ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन द्वारा एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इस धरना का आयोजन लहेरियासराय के पोलो मैदान अवस्थित धरनास्थल पर किया गया। ब्राह्मण फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ उदभट मिश्रा के नेतृत्व में धरना का आयोजन किया गया ।
वहीं फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ उदभट मिश्रा ने कहा कि संविधान में आरक्षण की व्यवस्था 15-20 वर्षों के लिए की गयी थी ताकि पिछड़ों को आगे लाया जा सके। पर आजादी के 75 साल बाद भी पिछड़ों के बेटा, पोता, परपोता पिछड़े ही बनते गये। ऐसा आखिर क्यों, इसपर भी मंथन की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण और दलित का बेटा दलित, इस व्यवस्था केलिए लोग मनुस्मृति को जिम्मेवार ठहराते हैं। परंतु वास्तव में भारत का संविधान कहता है कि ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण और दलित का बेटा दलित ही होगा। अतः इस व्यवस्था को अब बदलने की जरूरत है।
हाल ही में शहर में हुए राहुल झा हत्याकांड की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल सवर्ण परिवार से था, इसलिए उसके लिए सरकार के द्वारा किसी प्रकार के नौकरी की व्यवस्था नही थी और दिल्ली से दरभंगा आकर दिहाड़ी मजदूरी करना पड़ा। मजदूरी मांगने पर उसकी पीट पीट कर हत्या कर दी गयी। राहुल जैसे कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां सवर्ण के साथ ऐसा अत्याचार होता है, क्योंकि उनकी सुरक्षा केलिए बोलने वाला कोई नही है।
साथ ही सवर्ण समाज के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत, कायस्थ बनकर हमसे वोट लेते हैं, और जीत जाने पर सामाजिक समरसता की बात करने लगते हैं। सवर्णों के हित की बात तो दूर, सवर्णों का अहित होता देख भी चुप्पी साध लेते हैं। आखिर उनकी यह कैसी सामाजिक समरसता है, जिसमे सवर्ण समाज को उपेक्षित किया जाता है।
रिपोर्ट- गिरीश।
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