20 लाख युवाओं को नीतीश देंगे रोजगार
2024 चुनाव की तैयारी में जुटे CM, क्या PM मोदी को कर पाएंगे बेदखल
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में 8 वीं बार शपथ लेने वाले नीतीश कुमार अब पूरे रौ में है. सूबे में करीब डेढ दशक तक बीजेपी के सहयोग से सीएम की कुर्सी संभालने वाले वाले नीतीश ने 2014 के बाद दूसरी बार बीजेपी को गहरा झटका दिया है. इस दोनो झटके की मुख्य वजह 2014 के बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और वर्तमान प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी रहे है .
2014 के लोकसभा चुनाव के पहले 2010 में बीेजपी के सहयोग से बिहार विधान सभा में दो तिहाई से भी अधिक सीटे जीतकर तीसरी बार मुख्यंमंत्री की कुरसी पर कब्जा करने वाले नीतीश तात्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से ऐसा भड़के की बीजेपी से नाता ही नही तोड़ा बीजेपी के मंत्रियो को बर्खास्त किया और नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में अपने उम्मीदवारो को उतारा .इस चुनाव में केवल दो सीटों पर जद यू के सिमटने और नरेन्द्र मोदी के पी एम की कुर्सी पर देख नीतीश ने जीतन राम मांझी को सी एम की कुर्सी देकर खुद राजनीतिक वनवास में चले गये.
लेकिन 2015 में फिर राजनीतिक वापसी और महागठबंधन की सरकार बनाने के बाद 2017 में लालू का साथ छोड़ जब नीतीश बाहर आये तो नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने जब उन्हें हाथों हाथ लिया तो ऐसी उम्मीद थी कि नीतीश सब कुछ भूल चुके है और अब सत्ता की राजनीति में वे बीजेपी के साथ रहेगें. लेकिन 2020 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी के कारण जद यू का तीसरे नंबर पर आना और आर सी पी का केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जाने से आहत नीतीश की पुरानी दुश्मनी एक बार फिर याद आ गयी है.
2014 के लोकसभा चुनाव में देश के बेरोजगार एक करोड़ युवाओं को हर साल नौकरी देने के चुनावी वायदे ने नरेन्द्र मोदी की जीत आसान कर दी थी तो नीतीश के विरोध में 2020 में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के तेजस्वी के एलान ने उन्हें सत्ता के करीब पहुंचा दिया था. शायद यही वजह है कि नीतीश ने 15 अगस्त को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 20 लाख युवाओं को रोजगार यानि 10 लाख बेरोजगारों को सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार का अवसर देने का एलान किया है.
नीतीश ने इस एलान के द्वारा जहां तेजस्वी यादव बैकफूट पर जाने से बचाया ही है युवाओं के बीच एक बेहतर मैसेंज देने की कोशिश की है. राजनीति के पंडितों की माने कि 2024 में नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ताल ठोकने की तैयारी कर रहे नीतीश पूरे देश के युवाओं के बीच रोजगार के बहाने अपनी ओर आकर्षित करने के मूड में है. बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर नरेन्द्र मोदी को घेरने के लिये नीतीश ने बिहार में 20 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का एलान किया है. यानि नीतीश ने इस एलान के साथ ही 2024 के चुनावी महाभारत में उतरने की तैयारी बिहार में सत्ता परिवर्तन और विभिन्न आंदोलनो का गवाह रहे ऐतिहासिक गांधी मैदान से कर दी है.देखना है नीतीश का तीर सही निशाने पर लग पाता है या नही.
अशोक मिश्रा , कशिश न्यूज .
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