गढ़वा: गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने अपने कड़े तेवरों से प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए हाल ही में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्हें चेतावनी दी थी। विधायक ने अधिकारियों को कहा था कि अगर वे भ्रष्टाचार से बचना चाहते हैं तो उन्हें अपनी कार्यशैली सुधारनी होगी, अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।इस कड़ी टिप्पणी के बाद, विधायक तिवारी अचानक जिला समाहरणालय पहुंचे, जहां उन्होंने दो घंटे तक उपायुक्त (डीसी) के साथ बंद कमरे में बैठक की। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें शहर में अतिक्रमण और सड़क निर्माण के पहले रैयतों का मुआवजा जैसे मुद्दे शामिल थे।विधायक ने कहा कि बैठक के दौरान उन्होंने डीसी से शहर में अतिक्रमण पर रोक लगाने और रैयतों के मुआवजे से संबंधित मामलों को जल्द निपटाने का आग्रह किया। इसके अलावा, उन्होंने "मैया सम्मान योजना" के तहत मिले एक हजार रुपये को लौटाने के सरकारी आदेश पर भी विराम लगाने की बात कही, जिसे लेकर उन्होंने डीसी से विचार विमर्श किया।सोशल मीडिया पर डीसी और विधायक की तस्वीर वायरल होते ही यह चर्चा का विषय बन गई कि विधायक के तेवरों के सामने अधिकारी अब नरम हो गए हैं।