धनबाद : धनबाद जिले के तीसरा थाना क्षेत्र स्थित कुजामा एंटी देवप्रभा आउटसोर्सिंग केंद्र पिछले 12 दिनों से संघर्ष और विरोध का केंद्र बना हुआ है। यहां पर जनता मजदूर संघ बच्चा गुट द्वारा विस्थापन, प्रदूषण, रोजगार और 8 घंटे की ड्यूटी की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। इस विरोध का नेतृत्व पूर्व कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के समर्थक कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, झरिया विधायक रागिनी सिंह के समर्थक जनता श्रमिक संघ के बैनर तले आउटसोर्सिंग को फिर से चालू करने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच मतभेद और संघर्ष के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैंप भी लगाया है।

आउटसोर्सिंग का काम ठप, मजदूरों को 'नो वर्क, नो पे' नोटिस
रागिनी गुट के मजदूरों का कहना है कि पूर्णिमा नीरज सिंह के समर्थकों द्वारा पिछले 12 दिनों से आउटसोर्सिंग का काम ठप कर दिया गया है, जिसके कारण मजदूरों को 'नो वर्क, नो पे' का नोटिस मिला है। उनका आरोप है कि पूरी स्थिति के लिए पूर्णिमा के समर्थक जिम्मेदार हैं, और उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि आउटसोर्सिंग का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए, नहीं तो वे अपनी लड़ाई और तेज करेंगे।
पूर्णिमा नीरज सिंह के समर्थकों का आरोप
वहीं, पूर्णिमा नीरज सिंह के समर्थक भी अपनी बात रखने से पीछे नहीं हैं। उनका कहना है कि जब से रागिनी सिंह विधायक बनी हैं, उनके समर्थकों की गुंडागर्दी में बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, हाल ही में रागिनी सिंह के समर्थकों ने गोलीबारी कर दहशत फैलाने की कोशिश की, और इससे पहले भी उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए थे। उनका आरोप है कि जब तक जिला प्रशासन उन झूठे मुकदमों को वापस नहीं लेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
तनावपूर्ण स्थिति, पुलिस की निगरानी
इस बीच, दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस ने कुजामा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। स्थिति को काबू में रखने के लिए पुलिस कैंप लगाया गया है, और दोनों गुटों के समर्थकों के बीच किसी भी तरह के विवाद से बचने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, यह विवाद स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, और जल्द ही इसके समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

