गढ़वा – तमाम जागरूकता प्रयासों के बावजूद गढ़वा जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी नहीं आ रही है। गढ़वा जिले का तीन राज्यों की सीमा पर स्थित होने के कारण यहां वाहनों का आवागमन अधिक होता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। परिवहन विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद दुर्घटनाओं की संख्या में कोई खास बदलाव नहीं देखा जा रहा है।

सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूकता अभियान
गढ़वा जिले में सरकार के निर्देश पर सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। 1 जनवरी से शुरू हुआ यह सड़क सुरक्षा सप्ताह 31 जनवरी तक चलेगा। इस अभियान में परिवहन विभाग के साथ-साथ पीडब्लूडी और आरईओ विभाग भी शामिल हैं। प्रतिदिन सड़क सुरक्षा को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कभी सड़कों पर खड़ा होकर धीमी गति से गाड़ी चलाने की अपील की जाती है, कभी जागरूकता रैली आयोजित की जाती है, तो कभी गुलाब का फूल देकर लोगों को सड़कों पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जाता है।

हालांकि, इन जागरूकता प्रयासों के बावजूद वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष जिले में कुल 186 सड़क दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 130 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर हैं, जबकि कई लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे थे, जिनकी गिनती में शामिल नहीं किया गया है।

जिला परिवहन पदाधिकारी का बयान
सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान गढ़वा जिले के परिवहन पदाधिकारी ने कहा, "हम इस जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे सड़कों पर सावधानीपूर्वक गाड़ी चलाएं। जीवन अनमोल है और इसे जोखिम में डालने से बचना चाहिए। कहावत है 'सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी'।"

पीडब्लूडी विभाग की अपील
पीडब्लूडी विभाग के कार्यपालक अभियंता ने भी लोगों से सड़कों पर सुरक्षा से वाहन चलाने की अपील की। उन्होंने कहा, "हम सभी सड़कों पर दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए आज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।"

सिविल सर्जन का संदेश
सिविल सर्जन ने भी लोगों से अपील की है कि वे सड़कों पर अपने वाहन को सावधानी से चलाएं। उन्होंने कहा, "2024 के आंकड़े बहुत चिंताजनक हैं, जिसमें 130 लोग असमय काल के गाल में समा गए। यदि लोग सावधानीपूर्वक वाहन चलाते तो इन दुर्घटनाओं को रोका जा सकता था।"