धनबाद के अंगारपथरा में अवैध कोयला तस्करी को लेकर गहरा संकट, स्थानीय लोगों ने बताया मौत को आमंत्रण

धनबाद : धनबाद में अवैध कोयला तस्करी ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है, जहां अवैध कोयला खदानों से धड़ल्ले से कोयला की कटाई की जा रही थी। स्थानीय पुलिस, बीसीसीएल अधिकारियों और सीआईएसएफ की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अंगारपथरा ओपी क्षेत्र के तहत अवैध कोयला खदानों में दो साल से कोयला तस्करी हो रही थी, लेकिन आज स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बाद पुलिस और सीआईएसएफ को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

स्थानीय विरोध के कारण कार्रवाई, छह अवैध खदानों का संचालन जारी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध कोयला खदानों का संचालन पिछले दो साल से हो रहा था। आज अचानक गैस के रिसाव और उनके घरों की दीवारों में दरारें आ जाने के बाद लोग उग्र हो गए और अंगारपथरा ओपी प्रभारी का घेराव कर लिया। इसके बाद पुलिस और सीआईएसएफ ने मिलकर अवैध खदानों को बंद किया, लेकिन मौके पर मौजूद सैकड़ों बोरे में कोयला भरा हुआ पाया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने दो साल से पुलिस से अवैध खदानों को बंद करने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तस्करों द्वारा गोली मारने की धमकियां भी दी जाती हैं, जिससे उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है।

माइंस से निकलने वाली गैस और घरों में दरारें, खतरा बढ़ता जा रहा है

स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध खदानों से निकल रही गैस ने उनके घरों को खतरे में डाल दिया है। आज अचानक गैस रिसने लगी, जिससे घरों की दीवारें गिरने लगीं। लोगों का कहना है कि इस खदान से उनका जीवन संकट में है और तस्कर उन्हें धमकाते रहते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, छह अवैध कोयला खदानों का संचालन अभी भी जारी है, जिससे उनका जीवन और संपत्ति लगातार खतरे में है। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद इन खदानों को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है और स्थिति जैसी की तैसी बनी हुई है।

मुख्य तस्कर नामित: पिंटू सिन्हा, भोलू यादव, श्रीकांत यादव, भुचुन और अनूप

बताया जा रहा है कि अवैध कोयला तस्करी में प्रमुख नाम पिंटू सिन्हा, भोलू यादव, श्रीकांत यादव, भुचुन और अनूप शामिल हैं, जो इन खदानों से कोयला की तस्करी कर रहे थे। स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि इस अवैध तस्करी से उनका जीवन सुरक्षित हो सके।

स्थानीय लोगों का आक्रोश: मौत को आमंत्रण देने वाली स्थिति

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध खदानें न केवल उनके जीवन को खतरे में डाल रही हैं, बल्कि यह क्षेत्र एक बड़ा हादसा भी उत्पन्न कर सकता है। उनका मानना है कि बिना किसी कड़े कदम के इस अवैध खदानों के संचालन को रोक पाना मुश्किल है।