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महेशपुर पीर पहाड़ पर 300 साल पुरानी दरगाह में उरूस का आयोजन

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Shruti Prakashलेखक

पाकुड़ :पाकुड़ जिले के महेशपुर पीर पहाड़ स्थित हज़रत पीर सय्यद साह अब्दुर रहीम बाबा की दरगाह एक ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जो लगभग 300 साल पुराना है। ब्रिटिश काल के दौरान स्थापित इस मजार तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 128 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह स्थल स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है।

सौंदर्यकरण और श्रद्धा का महत्व
कई सालों बाद इस दरगाह का सौंदर्यकरण किया गया है, जिससे यह स्थल और भी आकर्षक हो गया है। यहां हर दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, और सभी समुदाय के लोग यहां आकर बाबा से मन्नत मांगते हैं। भक्तों का मानना है कि इस दरगाह में बाबा कभी किसी को निराश नहीं करते, और जो भी श्रद्धा से मन्नत मांगता है, उसकी मुराद पूरी होती है।

उरूस का आयोजन और भक्तों की भीड़
आज, 4 फरवरी को महेशपुर पीर पहाड़ पर उरूस का आयोजन किया जा रहा है, जो इस दरगाह का सबसे प्रमुख धार्मिक आयोजन है। इस दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है, और खासतौर पर इस दिन मन्नत मांगने से उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं, ऐसा विश्वास है। उरूस के दिन यहां आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है, जहां हर कोई बाबा के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित करता है। यह आयोजन महेशपुर पीर पहाड़ की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और श्रद्धालु हर वर्ष इस दिन को विशेष रूप से याद करते हैं।

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