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सरायकेला में बदहाल स्वास्थ्य वय्वस्था

बिजली गुल होने पर टॉर्च की रोशनी में हुआ प्रसव,मां-नवजात की मौत

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archana singhलेखक

सरायकेला:जिले में एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलकर सामने आया है. स्वास्थ्य विभाग लाख दावे कर ले, लेकिन जनमीनी हकीकत कुछ और ही है. ताजा मामला राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है. जहां लापरवाही और अव्यवस्था का बड़ा मामला सामने आया है. जिसका खामियाजा एक मां और नवजात को उठाना पड़ा. चंद मिनटों में एक परिवार की खुशियों मातम में बदल गया. हाथीसिरिंग गांव निवासी बिनीता बानरा, जो खुद स्वास्थ्य सहिया थीं, जब प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचीं तो लापरवाह सिस्टम के कारण इलाज के दौरान हालात इतने बिगड़े कि मां और नवजात की मौत हो गई.

अस्पताल में जरूरी उपकरणों की घोर कमी

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई और मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी कराने की कोशिश की गई. परिजनों का कहना है कि अस्पताल में जरूरी उपकरणों की कमी थी और ना डॉक्टरों-नर्सिंग या किसी भी स्टाफ ने समय पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई. महिला की हालत बिगड़ती रही, पर न तो बेहतर इलाज मिला और न ही समय रहते किसी बड़े केंद्र में रेफर किया गया.

दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की

बिनीता की पहले से दो बेटियां हैं, जिनका जन्म सामान्य प्रसव से हुआ था. इस बार बेटे का जन्म तो हुआ, लेकिन कुछ ही देर में मां-बेटे दोनों ने दम तोड़ दिया. इस घटना से परिजनों में भारी आक्रोष है. उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया है.सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक राज्य में बेपरवाह सिस्टम का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा.

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