रांची : अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ रविंद्र भवन तैयार,15 नवंबर को उद्घाटन की संभावना
रांची: लंबी प्रतीक्षा के बाद 15 नवंबर को रविंद्र भवन का उद्घाटन होने की संभावना जताई जा रही है। रविंद्र भवन के उद्घाटन को लेकर जुडको (JUIDCO) की ओर से सीएमओ को पत्र भेजा जा चुका है। जुडको के अधिकारियों की मानें तो झारखंड राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविंद्र भवन का उद्घाटन कर सकते हैं।
292 करोड़ की लागत से कराया गया निर्माण
शहर के पुराने और कमजोर हो चुके टाउन हॉल की जगह अब 292 करोड़ रूपये की लागत से आधुनिक, विशाल और तकनीकी रूप से उन्नत रविंद्र भवन का निर्माण हो चुका है। अधिकारियों की मानें तो नवनिर्मित रविंद्र भवन पूर्वी भारत का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक कला केंद्र साबित होगा।
1975 में हुआ था टाउन हॉल का निर्माण
कचहरी रोड स्थित पुराना टाउन हॉल कभी इस शहर का सांस्कृतिक मंच हुआ करता था। यहां उस दौर में नाटक का मंचन होता था, कवि सम्मेलन आयोजित किए जाते थे। सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते थे। रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (RRDA) की ओर से 1975 में टाउन हॉल का निर्माण कराया गया था, जबकि तत्कालीन बिहार सरकार के मंत्री ललित उरांव ने 02 अक्टूबर 1977 को इसका उद्घाटन किया था। उन दिनों 11 लाख रूपये की लागत से इस टाउन हॉल का निर्माण कराया गया था। हालांकि साल 2010 के बाद टाउन हॉल की स्थिति जर्जर हो गई। दीवारें टूटने लगी। साल 2011 में भवन निर्माण विभाग की ओर से इसे कंडम घोषित कर दिया गया। इसके बाद वर्षों तक सिर्फ योजनाएं बनती रहीं।
03 अप्रैल 2017 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने किया था शिलान्यास
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार में पुराने टाउन हॉल को ध्वस्त कर आधुनिक रविंद्र भवन का निर्माण कराने की योजना तैयार की गई। 03 अप्रैल 2017 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविंद्र भवन का शिलान्यास किया। हालांकि साल 2019 में सरकार बदलने के बाद कई परियोजनाओं पर रोक लगी और रविंद्र भवन का निर्माण कार्य भी बंद हो गया। कोरोना महामारी के दौरान लगभग दो साल तक निर्माण कार्य बंद रहा। इस समयावधि तक रविंद्र भवन का बाहरी संरचना तैयार हो चुका था, लेकिन आंतरिक साजसज्जा और तकनीकी कार्य शेष थे। एस्टीमेटेड कॉस्ट में संशोधन के बाद जर्मनी से उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम, एक्जॉस्ट फैन समेत अन्य उपकरण मंगाए गए। वर्तमान में रविंद्र भवन का निर्माण कार्य, आंतरिक साजोसज्जा, लाइटिंग और साउंड सिस्टम के साथ पूरा हो चुका है।
1500 सीट क्षमता वाले ऑडिटोरियम की होगी सुविधा
रविंद्र भवन में 1500 सीट क्षमता वाले ऑडिटोरियम का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कराया गया है, जहां नाटक, संगीत, नृत्य, सेमिनार और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इस ऑडिटोरियम की खासियत है कि इसे आवश्यकतानुसार तीन भागों में अर्थात 500-500 सीट क्षमता वाले तीन हॉल में स्लाइडिंग सिस्टम के तहत विभाजित किया जा सकता है।
आर्ट गैलरी में झारखंड के चित्रकारों, मूर्तिकारों और फोटोग्राफरों को नई पहचान मिलेगी
मंच की लाइटिंग, ध्वनि और तकनीक को वैश्विक स्तर के अनुरूप डिजाइन किया गया है। जर्मनी से मंगाई गई हाई फिडेलिटी साउंड सिस्टम रविंद्र भवन की विशेष पहचान होगी। इसी प्रकार,आर्ट गैलरी में झारखंड के चित्रकारों, मूर्तिकारों और फोटोग्राफरों को नई पहचान मिलेगी। रविंद्र भवन में मल्टी परपस हॉल, बैंक्वेट स्पेस, वीआइपी लाउंज, म्यूजिक रूम, रिकॉर्डिंग की सुविधा और आधुनिक गेस्ट रूम इसे पूर्ण सांस्कृतिक परिसर का स्वरूप प्रदान करेंगे। डबल बेसमेंट पार्किंग और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन इसे आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र की पहचान देंगे।