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खतरे को भांफ लालू ने राबड़ी को बनाया उपाध्यक्ष ,शहाब के बदले हिना बनी सदस्य

प्रवीण बागी 

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क्या राष्ट्रीय जनता दल बदल रहा है ? क्या अपराधियों को संरक्षण देनेवाली अपनी छवि से पार्टी निजात पाना चाहती है ? यह सवाल पार्टी द्वारा आज राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची जारी होने के बाद पूछा जा रहा है। साथ ही राबड़ी देवी को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर संकटकाल में पार्टी पर लालू प्रसाद का कब्ज़ा बनाये रखने का भी मुकम्मल इंतजाम कर लिया गया है। 

लालू के प्रिय मो. शहाबुद्दीन को कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है , हालाँकि लगे हाथ उनकी पत्नी हिना शहाब को सदस्य बना लिया गया है। राबड़ी देवी की उपाध्यक्ष के रूप में नई इंट्री हुई है। कमरे आलम प्रधान महासचिव बनाये गये हैं। वे पार्टी के लिए अपेक्षाकृत नये हैं। हालाँकि वे एमएलसी हैं लेकिन उनकी इस तरक्की के पीछे \'दिल्ली\' के उनके \'प्रदर्शन\' को लेकर चर्चा है। पार्टी को कोष उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। सिवान से सांसद रहे शहाबुद्दीन अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनके निकट भविष्य में बाहर आने की उम्मीद अब कम है। साथ ही उनकी छवि को लेकर भी पार्टी को जवाब देने में मुश्किलों  का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए उन्हें मुक्त कर दिया गया है। यह फैसला उनकी सहमति से हुआ बताया जा रहा है रहा है। उनकी जगह उनकी पत्नी को दी गई है। इसके जरिये पार्टी ने यह भी सन्देश देने की कोशिश की है कि अब वह बदल रही है। 

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव राबड़ी देवी को उपाध्यक्ष बनाया जाना है। दरअसल लालू प्रसाद की पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल पर सुनवाई हो रही है, जिसमें सजायाफ्ता नेताओं के पार्टी अध्यक्ष बनने पर रोक लगाने की मांग की गई है। 12 फ़रवरी को इसपर अगली सुनवाई है। कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार समेत सभी पार्टियों को नोटिस भेज कर इसपर उनकी राय मांगी है। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पहले ही ऐसे लोगों को राजनीति से बाहर करने की बात कह चुका है। कमोबेश अधिकांश राजनीतिक दाल भी इसके पक्ष में हैं। देर -सबेर इसपर रोक लगनी ही है। इसकी मार लालू प्रसाद पर भी पड़ेगी। इस खतरे को देखते हुए राबड़ी देवी को उपाध्यक्ष बनाया गया है ,ताकि वैसी स्थिति आने पर उन्हें अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया जा सके। ठीक वैसे ही जैसे 1996 में पहली बार चारा घोटाले में जेल जाने के समय लालू ने उन्हें अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दिया था। संकटकाल में वही प्रक्रिया दोहराने की तैयारी है। मीसा भारती, तेजप्रताप और  तेजस्वी को भी कार्यसमिति में लेकर \'फैमिली फर्स्ट\' के फार्मूले पर मुहर लगाई गई है। साथ ही शिवानंद तिवारी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। ऐसा उनकी बौद्धिक उपयोगिता को देखते हुए किया गया है। देश में ऐसी बहुत कम पार्टी होगी जिसकी कार्यसमिति में पति -पत्नी और पुत्र -पुत्रियाँ सभी हों। इस मामले में एलजेपी उसका मुकाबला कर सकती है।      

  

 

 

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