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 रांची - 2016 में अधिकारियों और बाबुओं का फेवरेट था शुक्रवार और सोमवार, जिनका इस्तेमाल करकेे खूब छुिट‌्टयां मारी  
Last Updated
04/03/2017  11:52:35:AM  IST
 
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रांची - 2016 में अधिकारियों और बाबुओं का फेवरेट था शुक्रवार और सोमवार, जिनका इस्तेमाल करकेे खूब छुिट
 
 
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राज्य सचिवालय और इसके संलग्न कार्यालयों में पदस्थापित अधिकारियों और बाबुओं ने बिना छुट्‌टी स्वीकृत कराए ही अवकाश का उपभोग किया है। इसके लिए इन्होंने बड़ी चालाकी से शुक्रवार और सोमवार का इस्तेमाल किया है। यानी अधिकांश छुटि्टयां शनिवार और रविवारीय अवकाश के साथ शुक्रवार या सोमवार को ली गई हैं। ऐसे एक नहीं, बल्कि दर्जनों बार किया गया है। महिलाओं को मिलने वाली स्पेशल लीव के साथ भी ऐसा ही किया गया है। अधिकांश लीव शनिवार और रविवार के साथ दिन को जोड़कर ली गई हंै। हालांकि कार्मिक सचिव निधि खरे के कड़े रूख के बाद अब कई विभागों ने अधिकारियों अौर बाबुओं की लीव का ब्योरा तैयार करना प्रारंभ किया है, लेेकिन इसमें भी सुस्ती बरती जा रही है। बताते चलें कि कार्मिक सचिव ने 30 दिसंबर 2016 को ही सभी विभागीय सचिवों को पत्र लिखकर अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से लिए गए अवकाश का ब्योरा मांगा था। लेेकिन आलम यह है कि अब तक कई विभागों ने ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है। 

सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर कहा, लीव में मनमानी करने वालों से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई भी करें 



वर्ष 2016 में शुक्रवार और सोमवार का दिन कई अधिकारियों और बाबुओं का फेवरेट था। इन्हें जब भी तीन-चार की छुट्‌टी की जरूरत पड़ी, तब इन्होंने शुक्रवार और सोमवार से ही लीव सटा दी। महिलाकर्मी भी इसमें पीछे नहीं रहीं। इन्होंने हर माह मिलने वाली स्पेशल लीव गुरुवार और शुक्रवार को ही ली, ताकि शनिवार और रविवार को सरकारी अवकाश भी साथ में मिल जाए। 

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