ब्रेकिंग न्यूज़  
  • स्वाभिमान रैली पर लालू की हिदायत

    पटना। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से महागठबंधन की कल एक भव्य रैली होने वाली है। रैली के लिए तैयारियां भी जोर शोर से शुरू की गयी है। इसके अलावा काफी रणनीति भी तय की गयी है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी महागठबंधन की रैली में मंच पर मौजूद रहेंगीं। सोनिया गांधी के भी आने की संभावना है। लेकिन रैली से पहले लालू ने प्रेस कांफ्रेंस करके रैली से जुड़ेकई पहलों पर बात की और साथ ही पीएम मोदी पर जमकर निशाना  साधा । लेकिन सबसे अहम बात ये रही कि लालू के तेवर में थोड़ी नरमी दिखायी दी और अपने ही कार्यकर्ताओं को पहले सख्त हिदायत जारी कर दिया।   

    लालू की प्रेस कांफ्रेंस

    लालू ने प्रेस कांफ्रेंस करके सबसे पहले कार्यकर्ताओं को अपना सख्त आदेश जारी करते हुए कहा कि, रैली के लिए जिस कैंप में लोग ठहरे हुए हैं। वहां किसी भी लड़की या औरत का नाच के नाच की अनुमति नहीं होगी क्योंकि ये हमारा स्वाभिमान रैली है।  हमें देश के सभी लोगों के हित का ख्याल रखना है। इसके साथ ही लालू ने एलान करते हुए कहा कि महागठबंधन की ओर से सपा को 5 सीटें आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लिए दी जाती हैं। क्योंकि सौ – सौ सीटें JDU और RJD  के अलावा 40 सीटें कांग्रेस को महागठबंधन के बंटवारे में मिला है। लालू ने बताया कि 243 सीटों में बचे 3 सीट और वे खुद के खाते से 2 सीट सपा को दे रहे हैं। जो कुल मिलाकर 5 सीटें हो जाती हैं और उसपर सपा अपने उम्मीदवार उतार सकती है।

    पीएम पर प्रहार और नीतीश को सलाम

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि, ये जो बिहार , बिहार बोलता है, कानून व्यवस्था पर । तो गुजरात में खुद चारों ओर आग लगा हुआ है। कितना जानें चलीं गयीं। गुजरात मॉडल का भंडाफोड़ हो गया। भाजपा वाले हमको बोलते थे जात - पात पर , अब गुजरात में ये क्या हो रहा है। पीएम पर भड़ास निकालने के बाद लालू आये नीतीश पर और उनके विजन 2020 की तारीफ करते हे बोले कि , जो नीतीश कुमार का विजन है, वही हमारा विजन है। इसके अलावा वही तेजस्वी का विजन है। क्योंकि  बड़े पैमाने पर जो जीते हुए यूथ हैं , भाजपा का उस समय की घोषणा पर । उन्हें तो बहुत ज्यादा ही निराशा हाथ लगी है।

    यहां बता दें कि नीतीश कुमार ने कल अपने प्रेस कांफ्रेस करके विशेष पैकेज का एक काट विकास योजना पेश किया । जिसमें 2020 तक युवाओं के विकास के लिए बहुत कुछ करने का एलान किया।                   

  • रक्षा बंधन के पवित्र पर्व पर ढेरों शुभकामनायें

    रांची / पटना । भाई-बहन के प्यार का पवित्र पर्व रक्षा बंधन आज है । सुबह से ही सड़कों पर काफी हलचल देखने को मिल रही है। बाजारों की रौनक अपने पूरे शबाब पर है। मंदिरों में भाई की सलामती के लिए सुबह से ही बहनें पूजा कर रही हैं। वहीं मिठाई की दुकानों की तो चांदी ही चांदी है क्योंकि दिन ही इतना मीठा है। हर घर के बाहर से तरह – तरह के पकवान की सुगंध आ रही है , जिससे मुंह में पानी भर जा रहा है। लेकिन आज भगवान ने भी भाई – बहनों के प्यार की परीक्षा ली है। इस बार  राखी भद्रा नक्षत्र का साया पड़ा है । इसकी वजह से दोपहर बाद ही राखी बंधवाने के लिए शुभ मुर्हूत  दोपहर 2 बजे से शाम 6 के बीच का है।  लेकिन कई भाई ऐसे भी हैं ,जिन्हें आज ही वापस अपने काम पपर लौटना है तो ऐसे में वे बहनें सुबह से ही राखी बांध रही हैं। झारखंड और बिहार की सड़कें राखी के बाजार से पटे हुए हैं।  

    रक्षा बंधन के पीछे की कहानी

    रक्षा बंधन के पीछे सबसे रोचक कहानी भगवान कृष्ण और द्रौपदी की कहानी सबसे ज्यादा प्रचलित है। कहा जाता है कि एक बार भगवान कृष्ण गन्ना खा रहे थे और उसी दौरान उनकी छोटी उंगली छिल गई और उससे खून बहने लगा। इसे देख रूक्मिणी ने तुरंत किसी को पट्टी देकर भेजा। सत्यभामा वहां पट्टी लेकर पहुंची ही थी कि उससे पहले ही वहां मौजीद द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़ा और कृष्ण का हाथों पर बांध दिया। इस पर कृष्ण ने कहा कि जब भी जरूरत पड़ेगी वे द्रौपदी की रक्षा करेंगे। उसके कुछ दिनों बाग ही जब राजा धृतराष्ट्र की सभा में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा था तो उस समय द्रौपदी ने कृष्ण को अपनी रक्षा के लिए पुकारा था तो कृष्ण ने उनकी लाज बचायी थी। उसी के बाद से ही रक्षा बंधन की परंपरा शुरू हुई।  

  • राखी और सियासत का खेल

    पटना । भाई – बहन के प्यार का एक प्यारा दिन रक्षा बंधन। इस दिन भाईयों की कलाई बहन के प्यार से भर जाती है तो बहनों को भाई रक्षा का वचन देने का साथ ही उपहार भी भेंट करते हैं। लेकिन राजनीति में रक्षा बंधन के त्योहार की एक अलग ही पहचान है। राजनीतिक भाई – बहन के प्यार के किस्से तो काफी प्रचलित हैं। बिहार में चुनाव सिर पर है और बाजार में बिक रही राखियों में भी मोदी और नीतीश ही छाये हुए हैं। यानि कि राखी पर भी राजनीति पूरी तरह से हावी है।

    आज का दिन बहन मायावती और भाई लालजी टंडन के प्यार की यादें ताजा कर जाता है। बात 22 अगस्त साल 2002 की है। जब भाजपा और बसपा की नजदीकियां बढ़ी । तो इस नजदीकी को और भी गहरा करने के लिए मायावती ने भाजपा नेता लालजी टंडन की कलाई पर चांदी की राखी बांधी। इससे तो राजनीतिक जगत में पूरी तरह से हलचल मच गई। चूंकि अब तक तो यही देखने को मिला है कि नेता राखी बांधने और बंधवाने का कार्यक्रम अपनी ही पार्टी के लोगों के साथ रखते हैं। लेकिन मायावती की राखी की डोर अगले ही साल छूट गयी। बहन मायावती का दिल अपने बुजुर्ग भाई से एक साल में ही उब गय़ा।  दूसरे साल भाई इंतजार करता रहा , लेकिन उसकी बहन नहीं आयी । यानि कि स्पष्ट है कि राखी जैसे पर्व को अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए इस्तेमाल किया गया । उसमें भाई और बहन का प्यार तो था ही नहीं, था तो बस राजनीतिक मौका ।          

  • स्वप्नलोक बनाम मिशनरी संकल्प

    बीजेपी के बैनर से टीम मोदी के बिहार विजय महाअभियान की राह में नीतीश कुमार ने एक और खाई खोद डाली। सवा लाख करोड़ के तिलस्मी पैकेज के सामने दो लाख सत्तर हजार करोड़ का मिशन रख दिया है और दावा किया है कि सिर्फ कह नहीं रहे हैं, तैयारी कर रखी है और कर के दिखाएंगे। शर्त ये है कि बिहार की जनता फिर से एक बार मौका दे। सात वर्गों में बांटकर नीतीश कुमार ने हर वादे को पूरा करने के लिए जरूरी धन और उसके स्रोत तक का अध्ययन का दावा किया है।

    मिशन मोड का संकल्प

    नीतीश कुमार ने कहा है कि वो यह काम मिशन मोड में करेंगे। मिशन मोड का मतलब है ऐसी प्रक्रिया जिसमें स्पष्ट रुप से परिभाषित लक्ष्य, निश्चित कार्यक्षेत्र, तय समयसीमा, चरणबद्ध उपलब्धि के साथ-साथ मापकर देखने योग्य ठोस नतीजे यानि वस्तुएं और सेवाएं सामने आएं।


    एक खास संवाददाता सम्मेलन में जहां चुनाव के मद्देनजर कुछ घोषणाएं होनी हैं, वहां एक नेता जो मुख्यमंत्री भी है, पचासों बार ये कहता है कि किया जा सकता है, तो इसका क्या मतलब हुआ? मतलब ये हुआ कि ये घोषणाएं सिर्फ लोकप्रियता को ध्यान में रखकर नहीं की जा रही हैं, बल्कि घोषणा करने से पहले संसाधनों और संभावनाओं को ठीक से टटोलकर देख लिया गया है कि अगर मौका मिला तो इन्हें धरातल पर उतारा जा सकता है।

    संकल्प का बहाना, मोदी पर निशाना

    बार-बार ये कहना कि किया जा सकता है और हम करेंगे, इसका दूसरा मतलब ये हुआ कि कोई है जो सिर्फ कहता है और करता नहींष। साफ तौर पर नीतीश का निशाना नरेन्द्र मोदी की तरफ है। काला धन वापस लाने के मामले को खुद ही जुमला बता चुकी बीजेपी पर ये एक गहरा कटाक्ष भी है।


    हमने पहले जो कहा है वो किया है। इसलिए हम अभी जो कह रहे हैं वो कर के दिखाएंगे। नीतीश कुमार ने युवाओं के लिए, हर घर में पाइप से पीने का पानी पहुंचाने के लिए, हर घर में शौचालय के लिए, हर घर में बिजली के लिए, हर गांव तक सड़क और हर गली और नाली को पक्का करने के लिए, हर जिले और सबडिविजन तक समेकित व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के लिए और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए मिशन बनाकर का करने का भरोसा दिया है।

    ये एक ऐसे नेता की निजी घोषणा है, जो भारत ही नहीं दुनिया से पटल पर तेजी से उभरते ब्रांड मोदी से मुकाबिल हैं। ये मोदी के बिखरते तिलस्मी स्वप्नलोक पर ठोस आश्वासन का हमला है। इसे आप दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल की रणनीति का संशोधित परिष्कृत रूप का एडोप्शन कह सकते हैं। ये न तो जेडीयू का घोषणापत्र है, न महागठबंधन का विजन डाक्यूमेंट। ये नीतीश कुमार की निजी घोषणाएं हैं। जाहिर है, ये महज शुरूआत है, पिक्चर अभी बाकी है।


  • नीतीश के 7 शस्त्र

    पटना । अच्छे दिन और कालाधन की वापसी जैसे जुमलों की वजह से फजीहत झेल रही BJP पर नीतीश कुमार ने 7 ठोस जमीनी वायदों का हमला किया है। पटना में नीतीश ने घोषणा की है कि, महागठबंधन के नेता होने की हैसियत से वो मिशन मोड पर सात सूत्री कार्यक्रम चलायेंगे , यदि बिहार की जनता उन्हें मौका दे  । नीतीश ने जोर देकर कहा कि उन्होंने पूरी तसल्ली कर ली है कि जो घोषणायें वो करने जा रहे हैं , उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकता है। मतलब साफ है , नीतीश कुमार ये कहना चाहते हैं कि वो दिखावे के लिए लुभाने वायदे नहीं कर रहे हैं। जैसा कि  BJP या पीएम मोदी करते आये हैं।

    सात सूत्री मिशन

    1 . युवाओं का सशक्तिकरण – बारहवीं के बाद चार लाख का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, जिला एवं प्रखंड स्तर पर कौशल विकास एवं रोजगार परामर्श , 20 -25 आयु वर्ग में दो बार एक – एक हजार रूपये नौ महीने तक, 5 सौ करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में फ्री वाई - फाई ।

    2. 2020 तक हर घर में पाईप से जलापूर्ति

    3. 2020 तक सभी घरों में शौचालय

    4 . 2020 तक सभी घरों में बिजली का कनेक्शन

    5 .  2020 तक हर गांव तक सड़क, हर गांव में नाली और गली पक्की

    6 . सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण

    7 . 5 नये मेडिकल कॉलेज, सभी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्कूल , जिला एवं अनुमंडल स्तर पर नर्सिंग पारा मेडिकल पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई

    इन सात लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कुल 2 लाख 70 हजार करोड़ रूपये का व्यय आयेगा। नीतीश कुमार का कहना है कि उन्होंने इस पर पूरी तरह से सोच विचारकर संसाधनों की संभावना देख ली है। इसे किया जा सकता है और वो इसे करके दिखायेंगे ।  

 
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