ब्रेकिंग न्यूज़  
  • शराबबंदी के बाद बिहार में शराब की होम डिलीवरी होती है: लालू

    रांची- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज रांची में नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। उनके मुताबिक, आरएसएस के लोगों ने गांधी की हत्या की है। नीतीश आरएसएस की गोद में चले गए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने अच्छे दिन का झांसा दिया। मोदी ने कालाधन लाने का ढोंग रचा। बिहार के लोग बहुत जागरूक हैं। शराबबंदी के बाद बिहार में शराब की होम डिलीवरी होती है।

    चारा घोटाले में रांची के सीबीआइ कोर्ट में पेशी के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए लालू ने कहा कि बिहार ने लोगों ने भाजपा को खाली हाथ भेजा। गांव-गांव के हमारे कार्यकर्ता नाराज हैं। हम सत्ता के लोभी नहीं हैं। हमारा संघर्ष चलता रहेगा। जनता ही हमारा सहारा है। 

    इस दौरान लालू ने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। उनके मुताबिक, अगर मुझे सत्ता का लालच होता तो नीतीश को सीएम न बनाता। नीतीश अवसरवादी नेता निकले। नीतीश का इतिहास रहा है सत्ता के लिए किसी के साथ समझौता करने का। हमलोगों ने समझा था कि वे सुधर गए, लेकिन धारणा गलत निकली।

    नीतीश ने सांप्रदायिक ताकतों के साथ न जाने की बात कही थी। नीतीश का सांप्रदायिकता के खिलाफ प्रचार ढोंग था। शराबबंदी के खिलाफ नीतीश ने ढोंग किया। नीतीश ने मुझसे छल किया है। नीतीश के इशारे पर केस दर्ज हुआ था। नीतीश ने भाजपा से मिलकर सीबीआइ का केस दर्ज करवाया। नीतीश पीएम मटेरियल का प्रचार करवाते थे। बैठक बुलाकर नेता का चुनाव होना था।

  • नीतीश सरकार कल हासिल करेगी विश्वासमत, विस के विशेष सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना

    पटना : बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नयी सरकार शुक्रवार को राज्य विधानसभा में विश्वासमत हासिल करेगी. मंत्रिमंडल समन्वय विभाग के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने संवाददाताओं से कहा, 'बिहार विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र शुक्रवार को बुलाया गया है जिसमें नयी सरकार विश्वास मत हासिल करेगी.'

    मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के बेहद संक्षिप्त राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र के लिए दो एजेंडा तय किये गये हैं. पहला एजेंडा पूर्ववर्ती सरकार के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक दोनों सदनों का पांच दिवसीय माॅनसून सत्र बुलाने के फैसले को रद्द करना है. दूसरा एजेंडा विश्वास मत हासिल करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा का एक दिवसीय सत्र बुलाना है. राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने शपथ लेने के दो दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से विश्वास मत हासिल करने के लिए कहा है.

    नीतीश कुमार सरकार के पास 132 विधायकों का समर्थन है जिसमें से 71 विधायक जदयू के, 53 भाजपा के, दो रालोसपा के, दो एलजीपी के, एक एचएएम का और तीन निर्दलीय विधायक हैं. उसी तरह राजद के नेतृत्व में विपक्षी खेमा को 109 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. जिसमें राजद के 80, कांग्रेस के 27, माकपा-एमएल के दो और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में बहुमत प्राप्त करने के लिए 122 विधायकों का जादूई आंकड़ा प्राप्त करना होगा.

    अब यहां गौर करनेवाली बात यह है कि जबसे नीतीश कुमार ने इस्तीफा देकर भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनायी है उनके दल जदयू में विरोध के स्वर उठने लगे हैं. दल के कुछ शीर्ष नेता नीतीश कुमार के इस निर्णय का विरोध करना शुरू कर दिया है. खबर है कि जदयू पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव नीतीश कुमार के इस फैसले का खुलेआम विरोध करते हुए इसे एकतरफा निर्णय तक करार दे दिया. उन्होंने इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श भी किया. 

    पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता अली अनवर ने नीतीश कुमार के इस निर्णय को एकतरफा करार देते हुए कहा कि यह राज्य और देशहित में नहीं है. हमलोगों ने महागंठबंधन के नाम पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था और हमलोग सत्ता में आये थे. अब नीतीश कुमार के इस फैसले से बिहार की जनता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है. पार्टी के एक और वरिष्ठ ने विरेंद्र सिंह ने भी नीतीश कुमार के इस फैसले का विरोध किया है. अब ऐसी स्थिति में विश्वास मत के दौरान यदि जदयू 10-15 विधायकों ने सरकार के पक्ष में मतदान नहीं किया या मदतान से अपने काे अलग कर लिया, तो यह सरकार के लिए असहज स्थिति हो जायेगी. उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार का सत्र हंगामेदार होगा, क्योंकि राजद आक्रामक रुख अपना सकती है. राजद पहले ही कह चुका है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उसे सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया.

  • नीतीश सीएम तो सुशील मोदी बने डिप्टी सीएम, आए बिहार के 'अच्छे दिन'

    पटना- बिहार में गुरुवार को राजग की नई सरकार बन गई। कभी राज्य को 'जंगलराज' से मुक्त कराने वाली 'करिश्माई' जोड़ी फिर सत्ता के मंच पर दिखी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शपथ ग्रहण करने के साथ ही शासन की बागडोर संभाल ली है। नई राजग सरकार के साथ एक अच्छी बात और है कि केंद्र में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग की ही सरकार है, जिससे बिहार को 'लाखों' उम्मीदें हैं।

    राजभवन के राजेंद्र मंडपम में चले 12 मिनट के शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी को मंत्री (उप मुख्यमंत्री) पद की शपथ दिलाई। शुक्रवार (28 जुलाई) को नीतीश कुमार विधानसभा में बहुमत सिद्ध करेंगे। नई सरकार के गठन की कवायद शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बधाई आ गई थी। पीएम ने नीतीश कुमार को फोन भी किया। उम्मीद जताई कि बिहार विकास और खुशहाली की नई राह पर चलेगा।

    इस घटनाक्रम से राजद-कांग्रेस खेमे को छोड़कर पूरे बिहार में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी। लोगों ने कहा, बिहार को बदलने के लिए इससे अच्छा मौका अब नहीं आने वाला। महागठबंधन सरकार के अंत और राजग के नए युग की शुरुआत के साथ ही उम्मीदें आसमान छूने लगी हैं कि बिहार में अब अच्छे दिन आएंगे।

    राजद-कांग्रेस ने राज्‍यपाल के फैसले का किया विरोध  

    हालांकि, नीतीश के इस फैसले का राजद और कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया। राजद की ओर से हाईकोर्ट में राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी गई है। राजद का दावा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का पहले मौका मिलना चाहिए था।

    महागठबंधन तोड़कर राजग के साथ जाने पर दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नीतीश ने हमें धोखा दिया है। तीन-चार महीने से उन्हें पता था कि ऐसा होने वाला है। यही हमारी राजनीति की दिक्कत है, लोग सत्ता के लिए सिद्धांत की परवाह नहीं करते।

    राजद ने भी जमकर हमला किया। खुद लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार को 'भस्मासुर' और बिहार के 'भजनलाल' जैसे नाम दिए। राजद के अन्य नेताओं ने भी हमला बोला।

    नीतीश ने कहा, बिहार के हित में यह फैसला किया 

    नीतीश ने जवाब में इतना कहा कि 'मैंने यह कदम बिहार की जनता के हित में तरक्की के लिए उठाया है। राहुल और अन्य लोगों को अच्छे से जवाब दूंगा।'

    केवल नीतीश और सुशील मोदी ने ली शपथ 
    ठीक 10 बजे राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी शपथ राजेंद्र मंडपम पहुंचे। मुख्यसचिव अंजनी कुमार सिंह ने राज्यपाल द्वारा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति संबंधी पत्र पढ़ा। इसके बाद राज्‍यपाल ने नीतीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके तुरंत बाद मंत्री के रूप में सुशील कुमार मोदी को शपथ दिलाई गई।

    शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा संसदीय बोर्ड की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जय प्रकाश नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी संजय मयूख के साथ मौजूद थे। समारोह में जनता दल यू और भाजपा के तमाम छोटे बड़े नेता मौजूद थे। राजद और कांग्रेस का कोई नेता शपथ समारोह में नहीं दिखा।

  • भावुक हुए रामनाथ कोविंद.. याद आई टपकती छत, गरीबी में गुजारे दिन

    नई दिल्ली- देश का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद रामनाथ कोविंद की आंखों में बचपन की तस्वीरें तैरने लगीं। गरीबी के वो दिन याद आ गए जब उन्हें और उनके भाई-बहन को बारिश के दिनों में सिर छिपाने के लिए जगह तलाशनी पड़ती थी। राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भावुक हुए रामनाथ कोविंद ने क्या-क्या कहा जानिए उन्हीं की जुबानी...

    'आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। बारिश का यह मौसम मुझे बचपन के उन दिनों की याद दिलाता है जब मैं अपने पैतृक गांव में रहा करता था। घर कच्चा था, मिट्टी की दीवारे थीं, तेज बारिश के समय फूस की बनी छत पानी रोक नहीं पाती थी। हम सब भाई-बहन कमरे की दीवार के सहारे खड़े होकर इंतजार करते थे कि बारिश कब समाप्त हो।'

    'आज देश में ऐसे कितने ही रामनाथ कोविंद होंगे.. जो इस समय बारिश में भीग रहे होंगे.. कहीं खेती कर रहे होंगे.. कहीं मजदूरी कर रहे होंगे। शाम को भोजन मिल जाए इसके लिए पसीना बहा रहे होंगे। आज मुझे उनसे कहना है कि परौंख गांव का रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में उन्हीं का प्रतिनिधि बनकर जा रहा है।'

    'मुझे यह जिम्मेदारी दिया जाना, देश के ऐसे हर व्यक्ति के लिए संदेश भी है जो ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है। इस पद पर चुना जाना न कभी मैंने सोचा था और न कभी मेरा लक्ष्य था, लेकिन अपने समाज के लिए, अपने देश के लिए अथक सेवा भाव आज मुझे यहां तक ले आया है। यही सेवा भाव हमारे देश की परंपरा भी है।'

    'जिस पद का मान डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसे महान विद्वानों ने बढ़ाया है, उस पद के लिए मेरा चयन मेरी लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी का अहसास करा रहा है। व्यक्तिगत रूप से यह मेरे लिए बहुत ही भावुक क्षण है।'

  • रायसीना में रामनाथ: देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे कोविंद, 66% मिले वोट

    नई दिल्ली- रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार को लगभग 3 लाख 34 हजार वोटों के अंतर से हराया। कोविंद को 65.65 फीसदी वोट हासिल हुए हैं। जबकि मीरा कुमार को 35.34 फीसदी वोट मिले। कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे। कोविंद की जीत के बाद पीएम मोदी ने उनसे मिलकर बधाई दी। पीएम मोदी के साथ अमित शाह और अनंत कुमार भी मौजूद रहे।

    राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद रामनाथ कोविंद मीडिया से मुखातिब हुए। कोविंद ने जीत के बाद कहा कि यह मेरे लिए भावुक पल है। उन्होंने कहा 'यह मेरे लिए भावुक क्षण हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि सर्वे भवंतु सुखिनः के भाव के साथ निरंतर लगा रहूंगा। यह भारतीय परंपरा की महानता का प्रतीक है। मुझे यह जिम्मेदारी दिया जाना उस हर व्यक्ति के लिए उदाहरण है जो ईमानदारी से मेहनत करता है।' कोविंद ने यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार को शुभकामनाएं भी दी। 

     

    वहीं मीरा कुमार ने रामनाथ कोविंद को जीत की बधाई देते हुए कहा 'मैं कोविंद जी को शुभकामनाएं देना चाहती हूं कि वह चुनौतीपूर्ण समय में संविधान का गरिमा को बनाए रखें। जिस विचारधारा की लड़ाई के लिए मैं आगे आई थी वह आज खत्म नहीं हुई है। आप सबने हमेशा साथ दिया है, आप सबको धन्यवाद।'

 
LIVE NEWS
 
new scity
KASHISH NEWS PROGRAMMES
kashish News Programmes...
 
 
 
व्यापार
SBI चीफ अरुंधति भट्टाचार्य की सैलरी जानते हैं आप? उनका वेतन सुन चौंक जाएंगे

नई दिल्ली: दुनिया के 50 सबसे बड़े बैंकों में शामिल और देश...

बॉलीवुड
एक हसीना थी, एक दीवाना था फील्म रिव्यू रामनरेश चौरसिया द्वारा

 

------------------

एक हसीना थी, एक दीवाना था

(नोटः फिल्म की तस्वीरें यू-ट्यूब से ले लेंगे)

सिनेमा का कल्चर बदलते वक्त के साथ...

 
खेल जगत
..PICTURE GALLERY
आपकी राय
क्या निखिल प्रियदर्शी को बचा रही है पुलिस ?
 
 
प्रादेशिक
विश्वजगत
 
डोकलाम को लेकर चीनी NSA से मिले डोभाल! इन 5 कारणों से मौका चूकना नहीं चाहेगा चीन
 
Facebook Like
जरुर देखें
KASHISH NEWS OTHER SERVICES BE CONECTED   LINKS
© 2017 Kasish News. All rights reserved. Developed By : SAM Softech